सिलतरा। गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के सिलतरा स्थित 1.8 एमटीपीए पैलेट प्लांट को गंभीर दुर्घटना के बाद तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग और श्रम विभाग ने कारखाना अधिनियम, 1948 के उल्लंघन और 26 सितंबर को हुई दुर्घटना को देखते हुए यह कार्रवाई की है।
प्लांट में ट्रेवलिंग ग्रेट बिल्डिंग के फर्नेस चेम्बर पीएम-02 में कार्य के दौरान अचानक कास्टेबल वाल और एक्रेशन गिरने से 6 कर्मचारियों की मौत हो गई और 6 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विभाग ने आदेश दिया कि जब तक सुरक्षा इंतज़ाम पूरी तरह से लागू नहीं किए जाते, पैलेट प्लांट का संचालन बंद रहेगा।
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कारखाना प्रबंधन को श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के सभी प्रावधानों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। हादसे के बाद प्रबंधन ने मृत कर्मचारियों के आश्रितों को 46-46 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने और प्रत्येक मृतक परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
पुलिस ने भी कंपनी प्रबंधन से लापरवाही के संबंध में पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। हीरा ग्रुप ने बयान में कहा कि सभी प्रभावितों को सहायता राशि और रोजगार दिया जाएगा, साथ ही कुछ मामलों में 62 वर्ष तक बुजुर्गों को पेंशन भी दी जाएगी।
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मजदूरों का आरोप है कि प्लांट में भारी मशीनरी के पास काम करने वालों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जाती और उपकरणों की समय-समय पर जांच नहीं कराई जाती। कई मजदूरों को गर्म और पिघले लोहे की भट्टियों के पास काम करना पड़ता है, और ठंडे पैलेट की सफाई में जल्दबाजी के कारण दुर्घटना हुई।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सुनिश्चित होने तक पैलेट प्लांट को बंद रखा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी की जाएगी।













