गरियाबंद। Shardiya Navratri 2025 : छत्तीसगढ़ में शक्तिपीठ और देवी मंदिरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन इनमें से कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जो अपनी रहस्यमयता और अनूठी परंपराओं के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है मां नीरई का मंदिर, जो गरियाबंद जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर पहाड़ी पर स्थित है।
Shardiya Navratri 2025 : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर के कपाट शारदीय नवरात्रि के दौरान भी नहीं खुलते। साल में केवल एक बार चैत्र नवरात्रि के दौरान सुबह 4 बजे से 9 बजे तक भक्तों को दर्शन का अवसर मिलता है। महिलाओं का प्रवेश वर्जित है और पूजा में केवल पुरुष ही भाग ले सकते हैं।
मां नीरई के दरबार में श्रृंगार और सजावट मना है। नारियल और अगरबत्ती चढ़ाई जा सकती है, लेकिन देवी को सिन्दूर, कुमकुम, गुलाल या अन्य श्रृंगार का सामान नहीं चढ़ाया जाता।
सबसे अद्भुत बात यह है कि मंदिर में लगी ज्योत बिना तेल के 9 दिनों तक जलती रहती है। गांव वालों का मानना है कि यह मां का चमत्कार है। धार्मिक दृष्टि से हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है, यदि वह इस मंदिर में पूजा करता है।
मां नीरई का यह मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि रहस्य और चमत्कार का प्रतीक भी माना जाता है, जो छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में अपनी अलग पहचान रखता है।











