Shahzad Bhatti Network Terrorist: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क को लेकर बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आतंकी संगठन घोषित किया गया है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़ी गतिविधियों और उसके खिलाफ उठाए गए कदमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।गृह मंत्रालय ने अपने आधिकारिक X अकाउंट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी साझा की है। सरकार की ओर से जारी जानकारी में नेटवर्क पर सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं।
सरकारी जानकारी के अनुसार, शहजाद भट्टी पाकिस्तान का रहने वाला है और फिलहाल दुबई में रहता है। उस पर गैंगस्टर गतिविधियों के अलावा आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप भी लगाए गए हैं।केंद्र सरकार की कार्रवाई के बाद उसके नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित किया गया है। यह कानून सरकार को ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिन्हें देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा माना जाता है।
नेटवर्क पर लगाए गए ये आरोप
गृह मंत्रालय की ओर से साझा की गई जानकारी में कहा गया है कि यह नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और नशीले पदार्थ भारत में पहुंचाने की गतिविधियों में शामिल रहा है।सरकार के अनुसार, नेटवर्क का एक कथित उद्देश्य युवाओं और छोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवाद की ओर आकर्षित करना भी था। इस तरह नेटवर्क को केवल आपराधिक गतिविधियों तक सीमित नहीं माना गया, बल्कि इसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल
सरकारी बयान में नेटवर्क पर डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, यह सिंडिकेट भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और सांप्रदायिक सद्भाव को निशाना बनाने वाला कथित तौर पर नफरत फैलाने वाला डिजिटल कंटेंट प्रकाशित करता था।इस तरह सरकार की कार्रवाई में नेटवर्क की कथित ऑफलाइन गतिविधियों के साथ उसके डिजिटल प्रचार से जुड़े पहलू को भी शामिल किया गया है।
सीमा पार तस्करी पर भी नजर
हथियार और विस्फोटकों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय रही है। सरकार की ओर से साझा जानकारी में शहजाद भट्टी नेटवर्क पर ऐसी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।इसके अलावा नशीले पदार्थों की सीमा पार तस्करी से जुड़े होने की बात भी कही गई है। इन गतिविधियों को नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई के प्रमुख आधारों में बताया गया है।
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युवाओं को जोड़ने का आरोप
गृह मंत्रालय की जानकारी में नेटवर्क पर युवाओं और छोटे-मोटे अपराधों में शामिल लोगों को आतंकवाद की ओर उकसाने का आरोप भी लगाया गया है। अगर ऐसे नेटवर्क युवाओं को अपने साथ जोड़ते हैं, तो उनकी गतिविधियों का दायरा अपराध से आगे बढ़कर सुरक्षा से जुड़े मामलों तक पहुंच सकता है।सरकार की कार्रवाई इसी कथित नेटवर्क को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
UAPA के तहत क्या होता है?
UAPA यानी गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून देश की सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ मानी जाने वाली गतिविधियों से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत केंद्र सरकार किसी संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित कर सकती है, यदि कानून में तय आधार पूरे होते हैं।किसी संगठन को इस सूची में शामिल किए जाने के बाद उसके नेटवर्क, फंडिंग और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।
भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए अहम कार्रवाई
शहजाद भट्टी नेटवर्क पर की गई कार्रवाई को सीमा पार अपराध, तस्करी और कथित आतंकी गतिविधियों से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार की ओर से सामने रखे गए आरोपों में हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी से लेकर युवाओं को आतंकवाद की ओर ले जाने और डिजिटल माध्यम से नफरत फैलाने वाले कंटेंट तक कई पहलू शामिल हैं।फिलहाल इस कार्रवाई के बाद नेटवर्क से जुड़े लोगों, उसकी कथित गतिविधियों और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।






