नई दिल्ली : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। दरअसल अपने पिता को किडनी दान देने को लेकर सवाल उठाने वालों पर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से खुलकर निशाना साधा है।
इस बार किडनी डोनेशन को लेकर लंबे समय से सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और बयानों के बीच रोहिणी ने अब साफ़ कहा कि पिता के लिए किडनी देना उनके लिए कर्तव्य, भावनात्मक जिम्मेदारी और मानवीय धर्म था—इस पर किसी राजनीति या नैतिक टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है।
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रोहिणी का पोस्ट
Lalu Yadav Family इस बाबत आज रोहिणी ने अपने पोस्ट में बहुत सख्त शब्दों में लिखा कि कुछ लोग पिता की जान बचाने वाले फैसले पर भी अनर्गल टिप्पणी कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि—
“जो लोग किडनी दान पर उपदेश दे रहे हैं, वे पहले एक बोतल रक्तदान करने की हिम्मत दिखाएं। जिनका खून इतनी सी बात पर सूख जाता है, वे मानव अंग दान पर प्रवचन न दें।”
रोहिणी का यह बयान सीधे तौर पर उन ट्रोल्स और राजनीतिक नेताओं पर हमला माना जा रहा है, जो बीते दिनों रोहिणी के किडनी दान को लेकर सवाल उठा रहे थे।
संजय यादव पर अप्रत्यक्ष निशाना
वहीं आज अपने बयान में रोहिणी ने तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद संजय यादव पर भी सख्त टिप्पणी की। हालांकि नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन पोस्ट की भाषा ने संकेत साफ कर दिए। उन्होंने कहा—
“जो लोग बेटी की किडनी को ‘गंदा’ बताकर राजनीति करते हैं, वे हिम्मत रखें और मुझसे खुली बहस करें। ज़रूरतमंदों को किडनी देने का महादान वे लोग पहले करें।”
लालू के नाम पर झूठी संवेदना
Lalu Yadav Family इसके साथ ही रोहिणी ने लालू समर्थकों और विरोधियों—दोनों को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव के नाम पर राजनीति करने, ट्वीट करने या सहानुभूति जताने वालों ने यदि वास्तव में कुछ करना है तो—
“देश के लाखों गरीब मरीजों को किडनी दान करें, जो अस्पतालों में अंतिम सांसें गिन रहे हैं।”उन्होंने कहा कि पिता को नई जिंदगी देना उनके लिए गर्व की बात है और इसे लेकर कोई अपराधबोध या सफाई देने की आवश्यकता नहीं।
इस तरह से रोहिणी का यह बयान भावनात्मक होने के साथ-साथ तीखा राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। किडनी दान जैसे संवेदनशील विषय पर उनकी दो टूक शैली ने सोशल मीडिया में नई बहस छेड़ दी है।उनके इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है कि यह बयान केवल ट्रोलर्स के लिए था या RJD के अंदरूनी समीकरणों पर भी सीधे वार है।













