Rewa GMH fire : रीवा। रीवा के गांधी स्मारक चिकित्सालय (GMH) के गायनिक ऑपरेशन थिएटर (OT) में आग लगने और एक नवजात शिशु के झुलसने की दुखद घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन एक्शन मोड में आ गया है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तुरंत फायर और इलेक्ट्रिकल डिपार्टमेंट को एक कड़ा और विस्तृत 18 बिंदुओं का नोटिस जारी किया है, जिसमें तकनीकी रिपोर्ट तलब की गई है। 
Rewa GMH fire : यह दुर्घटना अस्पताल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना के बाद, अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही की तह तक पहुँचने और जिम्मेदारी तय करने के लिए यह कदम उठाया है। नोटिस में अग्निकांड के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक पर विस्तार से जानकारी मांगी गई है।
Rewa GMH fire : प्रबंधन द्वारा जारी नोटिस में सबसे प्रमुख सवाल इलेक्ट्रिकल सेफ्टी और मेंटेनेंस को लेकर पूछे गए हैं। इसमें विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि ओटी की वायरिंग और स्विचबोर्ड की अंतिम जांच कब की गई थी। इसके अलावा, यह भी पूछा गया है कि क्या ओटी में डेडिकेटेड अर्थिंग थी और क्या ELCB/RCCB (Earth Leakage Circuit Breaker/Residual Current Circuit Breaker) जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरण कार्यशील थे या नहीं।
नोटिस में एक और महत्वपूर्ण बिंदु उठाया गया है कि क्या ओटी पर सेंक्शन्ड लोड से अधिक बिजली का उपयोग किया जा रहा था। प्रबंधन ने विभाग से साफ करने को कहा है कि आग लगने की प्राथमिक वजह शॉर्ट सर्किट थी या फिर ओवरहीटिंग। ये सवाल सीधे तौर पर अस्पताल में विद्युत उपकरणों के रखरखाव और लोड प्रबंधन में हुई संभावित चूक की ओर इशारा करते हैं।
गौरतलब है कि नगर निगम द्वारा अस्पताल को पहले भी कई बार फायर एनओसी (No Objection Certificate) न होने पर चेतावनी दी जा चुकी है। अब यह देखना होगा कि इलेक्ट्रिकल और फायर विभाग इन 18 गंभीर सवालों का क्या तकनीकी जवाब देता है और इस लापरवाही के लिए दोषियों पर क्या कार्रवाई की जाती है, खासकर तब जब एक मासूम शिशु इस हादसे में झुलस गया है।
संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इस नोटिस जारी करने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।













