Reva News Medical Negligence : रीवा (संवाददाता, विकास बघेल): श्यामशाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध गांधी स्मारक चिकित्सालय में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद अस्पताल में भारी बवाल मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात जूनियर डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतका के पति का दावा है कि उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने पर वे डॉक्टरों से इलाज के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन डॉक्टर मोबाइल पर रील स्क्रोल करने में व्यस्त रहे।
मिली जानकारी के अनुसार, करहिया (थाना चोरहटा) निवासी सुनीता कुशवाहा (पत्नी श्रीनिवास कुशवाहा) को बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए करीब एक महीने पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार देर रात सुनीता की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना मिलते ही अमहिया पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा देकर शांत कराया, जिसके बाद परिजन शव लेकर घर रवाना हुए।
मृतका के पति श्रीनिवास कुशवाहा ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि ऑपरेशन के बाद उनकी पत्नी की स्थिति सामान्य थी, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से रात में उनकी तकलीफ बढ़ रही थी। पति के अनुसार, “हम रात में वार्ड में मौजूद जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्होंने हमारी एक न सुनी। वे इलाज करने के बजाय मोबाइल पर रील देखने और स्क्रोल करने में मशगूल रहे। उनकी इसी लापरवाही के कारण मेरी पत्नी की जान चली गई।”
वहीं, पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा, “महिला की स्थिति काफी क्रिटिकल थी और सुपर स्पेशलिटी के डॉक्टरों ने भी उसे देखा था। परिजनों द्वारा डॉक्टरों के रील स्क्रोल करने और इलाज न करने का आरोप अत्यंत गंभीर है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
यह घटना सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के प्रति विश्वास और कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वाकई लापरवाही हुई थी या मरीज की जान बचाना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं था।











