नई दिल्ली : देश के केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने दिसंबर में होम और कार लोन लेने वालों के लिए बड़ी राहत दी है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो रेट को 5.25% कर दिया है। इससे पहले इस वित्तीय वर्ष में फरवरी, अप्रैल और जून में कटौती की गई थी। कुल मिलाकर इस साल आरबीआई ने 1.25% की कटौती की है। अगस्त और अक्टूबर में रेपो रेट को स्थिर रखा गया।
बढ़ी ग्रोथ की उम्मीद, महंगाई का अनुमान घटा
आरबीआई ने मौजूदा वित्त वर्ष में महंगाई अनुमान को घटाकर 2% किया है, जो पिछली बार की तुलना में 0.6% कम है। वहीं ग्रोथ अनुमान में 0.5% की बढ़ोतरी हुई है और देश की GVA Growth Rate 7.3% रहने का अनुमान है। यह पहली बार है जब आरबीआई ने ग्रोथ अनुमान को 7% से ऊपर रखा। दूसरी तिमाही में रियल ग्रोथ 8.2% रहने का अनुमान है।
तिमाहीवार ग्रोथ और महंगाई का रिव्यू
- तीसरी तिमाही: ग्रोथ 7%, महंगाई 0.6%
- चौथी तिमाही: ग्रोथ 6.5%, महंगाई 2.9%
- अगली वित्तीय तिमाही: ग्रोथ 6.7%, महंगाई 3.9%
आरबीआई लगातार दो पॉलिसी मीटिंग में ग्रोथ और महंगाई अनुमान अपडेट कर रहा है।
ओपन मार्केट ऑपरेशंस और डॉलर/रुपया स्वैप से बैंकिंग सिस्टम में तरलता
आरबीआई दिसंबर में 1,00,000 करोड़ रुपए की सरकारी सिक्योरिटीज खरीद करेगा। इसके साथ ही 5 अरब डॉलर का 3-वर्षीय USD/INR स्वैप करेगा। इस प्रक्रिया से बैंकिंग सिस्टम में लंबी अवधि की तरलता उपलब्ध होगी और बैंकों के पास नकदी की स्थिति मजबूत होगी।
लाभ : आम लोगों और बैंकों दोनों को राहत
- होम और कार लोन ईएमआई कम होंगे
- बैंकों के पास तरलता बढ़ेगी
- निवेशकों और वित्तीय सिस्टम में स्थिरता बनी रहेगी













