Ratlam Collectorate Protest: रतलाम कलेक्ट्रेट में जमीन विवाद से परेशान युवक ने खुद पर डाला ज्वलनशील पदार्थ, मची अफरा-तफरी

VIKASH KHALKHO

Ratlam Collectorate Protest: रतलाम। कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार दोपहर उस समय भारी अफरा-तफरी और सनसनी फैल गई, जब जमीन संबंधी मामले में सुनवाई न होने से नाराज एक युवक ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और कलेक्ट्रेट स्टाफ की मुस्तैदी व सतर्कता से समय रहते युवक को दबोच लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। गौरतलब है कि कलेक्ट्रेट में बीते मंगलवार को भी एक किसान द्वारा खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद शुक्रवार को यह दूसरी बड़ी वारदात हुई है।

कलेक्टर के सामने उठाया कदम

घटना शुक्रवार दोपहर की है, जब जिला कलेक्टर मिशा सिंह अपने कार्यालय से बाहर निकल रही थीं। इसी दौरान नामली निवासी रमेश कुमावत ने अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल लिया। यह देख मौके पर मौजूद स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत पकड़ा और काबू में किया। घटना के बाद कलेक्टर मिशा सिंह वापस अपने चैंबर में लौटीं और उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए युवक को अंदर बुलवाकर उसकी पूरी समस्या सुनी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल रतलाम ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर और तहसीलदार आशीष उपाध्याय को तलब कर पूरे मामले के रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए। सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस से उप निरीक्षक मुकेश सस्तीया बल सहित मौके पर पहुंचे और युवक को ग्रामीण एसडीएम कार्यालय ले गए, जहां उसके बयान दर्ज किए गए।

छह साल से भटकने का आरोप, प्रशासन का अलग दावा

पीड़ित रमेश कुमावत का आरोप है कि वह पिछले छह वर्षों से अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा है। रमेश के अनुसार, उसकी कुछ भूमि को पहले शासकीय घोषित कर दिया गया और करीब ढाई बीघा जमीन बिजली कंपनी के लिए अधिग्रहित कर ली गई। अब वह इस जमीन को अपने नाम दर्ज कराने की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का दावा बिल्कुल अलग है। राजस्व विभाग के अनुसार, युवक अपनी पूरी वैध जमीन पहले ही बेच चुका है और अब अतिरिक्त भूमि को अपने नाम कराने के लिए दबाव बना रहा है।

आवेदक रमेश कुमावत का जमीन संबंधी प्रकरण वर्तमान में एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है और यह पूर्णतः सिविल प्रकृति का मामला है। शुक्रवार को भी इस केस में सुनवाई तय थी। विवादित भूमि का कुछ हिस्सा ईसी (बिजली कंपनी) और कुछ निजी लोगों के नाम दर्ज है, जबकि शेष बची जमीन शासकीय है। आवेदक चाहता है कि यह पूरी जमीन और निजी लोगों के नाम दर्ज भूमि के रिकॉर्ड को शून्य घोषित कर उसके नाम ट्रांसफर कर दिया जाए। फिलहाल राजस्व अभिलेखों की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है।

— विवेक सोनकर, एसडीएम (ग्रामीण), रतलाम

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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