National Mango Festival: रायपुर। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को ‘राष्ट्रीय आम महोत्सव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल रमेन डेका ने दीप प्रज्वलित कर तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने प्रदेश के किसानों का आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादों को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए आगे आएं।
छत्तीसगढ़ की विविधताओं और मैंगो टूरिज्म पर जोर राज्यपाल डेका ने कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन में अग्रणी है और देश में एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के बड़े अवसर हैं। छत्तीसगढ़ में ‘मैंगो टूरिज्म’ को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने आम के ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) पर जोर देते हुए कृषि विश्वविद्यालय और राज्य बीज निगम को मिलकर काम करने की सलाह दी। राज्यपाल ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ अपनाने की भी बात कही।
250 से अधिक किस्में बनीं आकर्षण का केंद्र समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम को फलों का राजा बताते हुए भारतीय जीवन में इसके मांगलिक और धार्मिक महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महोत्सव में बेर के आकार से लेकर बीजापुर के ‘हाथीझुल’ जैसे बड़े और अनोखे किस्मों सहित कुल 250 से अधिक आम की प्रजातियों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस प्रदर्शनी का लाभ उठाने की अपील की। मुख्यमंत्री साय ने दृढ़ता से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप किसानों की आय दोगुनी करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आम की व्यावसायिक खेती इस संकल्प को पूरा करने में एक बड़ी मददगार साबित होगी।
दिग्गज रहे उपस्थित महोत्सव के उद्घाटन के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने आम उत्पादकों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी के स्टालों का अवलोकन किया और किसानों से चर्चा की। इस गरिमामयी अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, और निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी सहित कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक और देश के कोने-कोने से आए प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।









