Rajnandgaon News : राजनांदगांव। किसानों की पीड़ा आखिरकार रंग लाई। जिले में यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत की आड़ में चल रही जमाखोरी का पर्दाफाश हो गया है। मंगलवार को किसान संघ ने जिला कलेक्टोरेट में प्रदर्शन करते हुए कृषि विभाग के अफसरों को सीधा सवालों के घेरे में लिया। अफसरों ने पहले तो खाद की कमी से पल्ला झाड़ने की कोशिश की, मगर किसान संघ ने गोदामों में चलकर सच्चाई दिखाने की चुनौती दे दी।
Rajnandgaon News : इसके बाद कृषि विभाग के अधिकारियों और किसान नेताओं की संयुक्त दबिश में जिले के आधा दर्जन कृषि केंद्रों की पोल खुल गई। नंदई के अमन इंटरप्राइजेस और हल्दी गांव के एक कृषि केंद्र में भारी मात्रा में यूरिया का अवैध स्टॉक पाया गया। यही खाद किसानों को खुलेआम ऊंचे दामों पर बेची जा रही थी। दबिश के दौरान जैसे ही किसानों ने आधार कार्ड दिखाया, वैसे ही उन्हें सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराई गई। मौके पर ही इन गोदामों को सील कर दिया गया।
खास बात यह रही कि अफसरों की मौजूदगी के बावजूद कुछ दुकानदार जमाखोरी के आरोपों पर सफाई देते नजर आए। हालांकि अन्य कई गोदामों में स्टॉक खाली मिला, जिससे सवाल उठ रहा है कि क्या खाद पहले ही खपा दी गई थी?
कृषि विभाग पर आरोप है कि शिकायतें मिलने के बावजूद कार्रवाई टालमटोल की जा रही थी। हाल ही में चौकी क्षेत्र और खैरागढ़ के कृषि केंद्रों में भी महंगे दाम पर खाद बेचने की घटनाएं सामने आईं, लेकिन विभाग की चुप्पी कायम रही। किसान संघ का कहना है कि यदि इस पर सख्ती नहीं बरती गई तो जिले भर में आंदोलन तेज किया जाएगा।











