Raipur News : रायपुर : नियमितीकरण की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने 12 से 14 जनवरी तक तीन दिवसीय सांकेतिक काम बंद आंदोलन किया, जिसे कर्मचारियों का व्यापक समर्थन मिला। संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने बताया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और सफल रहा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
Raipur News : संघ का कहना है कि प्रबंधन की लगातार अनदेखी के चलते अब अनिश्चितकालीन आंदोलन की तैयारी की जा रही है। संघ अध्यक्ष हरिचरण ने बताया कि पावर कंपनी ने पूर्व में वर्ष 2007, 2009 और 2011 में समान पदों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित किया था, लेकिन वर्तमान कर्मचारियों को समान सेवा शर्तें पूरी करने के बावजूद नियमित नहीं किया जा रहा है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
Raipur News : उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर श्रम न्यायालय में त्रिपक्षीय वार्ता भी हो चुकी है, जहां प्रबंधन ने मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि विद्युत कार्य अत्यंत जोखिम भरा होता है और हर समय जान का खतरा बना रहता है। वर्ष 2016 से अब तक करीब 40 कर्मचारियों की मौत और 100 से अधिक कर्मचारियों के गंभीर रूप से घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, ऐसे में सुरक्षा और जिम्मेदारी का सवाल भी उठता है।
Raipur News : संघ का यह भी कहना है कि नियुक्ति एजेंडा में स्पष्ट प्रावधान है कि छह वर्ष की सेवा और पद रिक्तता की स्थिति में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जा सकता है। वर्तमान में ये सभी शर्तें पूरी हो रही हैं, फिर भी नियमितीकरण न किया जाना प्रबंधन की असंवेदनशीलता और अपने ही नियमों की अवहेलना को दर्शाता है।
Raipur News : संघ नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह स्वयं संविदा कर्मचारियों की मांग को जायज बता चुके हैं और उनके कार्यकाल में विद्युत कंपनी के संविदा कर्मचारियों को नियमित किया गया था। ऐसे में वर्तमान कर्मचारियों के साथ भेदभाव समझ से परे है।
Raipur News : विद्युत संविदा कर्मचारी संघ ने साफ कहा है कि यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि उनकी एकमात्र मांग संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण है।











