Excise Department Raid : बड़वानी। जिले के सिलावद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मरदई के पटेलफल्या में आबकारी विभाग द्वारा की गई एक आकस्मिक कार्रवाई विवादों के घेरे में आ गई है। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पप्पू पटेल के नेतृत्व में जिला आबकारी कार्यालय पहुंचे और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों की नाराजगी उस समय और बढ़ गई जब कार्यालय पहुंचने पर उन्हें कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला।
Excise Department Raid : घटनाक्रम के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 5 बजे आबकारी विभाग की 5-6 गाड़ियों ने ग्राम मरदई में दबिश दी। ग्रामीणों का आरोप है कि टीम पवन नामक एक युवक को जबरन उठाकर अपने साथ ले गई। युवक के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि वे सुबह से भटक रहे हैं कि उनके लड़के को कहां ले जाया गया है। काफी मशक्कत के बाद उन्हें पता चला कि पवन को अंजड़ ले जाया गया है, जबकि मामला सिलावद थाना क्षेत्र का है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि पूछताछ करनी थी तो स्थानीय थाने के बजाय इतनी दूर क्यों ले जाया गया?
Excise Department Raid : ग्रामीण रामेश्वर महाराज ने बताया कि जिस ‘खले’ (खलिहान) में शराब मिलने की बात कही जा रही है, वह चार-पांच लोगों का साझा स्थान है। ऐसे में केवल पवन को ही निशाना बनाना समझ से परे है। उन्होंने विभाग की कार्रवाई को पूरी तरह गलत और अमानवीय बताया। वहीं, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पप्पू पटेल ने कहा कि जिस युवक को पकड़ा गया है, वह साधारण किसान है। विभाग के पास किसके द्वारा शिकायत की गई और कितनी शराब मिली, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
Excise Department Raid : हैरानी की बात यह रही कि जब जनप्रतिनिधि और ग्रामीण आबकारी कार्यालय पहुंचे, तो वहां वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं थे। कार्यालय में केवल दो महिला कर्मचारी मिलीं, जो अधिकारियों के संबंध में कुछ भी बताने में असमर्थ थीं। पप्पू पटेल ने बताया कि उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। अधिकारियों की इस अनुपस्थिति और चुप्पी ने ग्रामीणों के संदेह को और गहरा कर दिया है।
Excise Department Raid : ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पवन को तुरंत नहीं छोड़ा गया या कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। फिलहाल क्षेत्र में इस कार्रवाई को लेकर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस व प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।











