ED की कार्रवाई पर सियासी घमासान : रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बुधवार को राजधानी रायपुर समेत दुर्ग, भिलाई और गरियाबंद में कई कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई ने एक बार फिर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कारोबारियों पर केंद्रित है।
ED की कार्रवाई पर सियासी घमासान : छापेमारी पर सियासी बवाल
इस कार्रवाई को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। भाजपा नेता और मंत्री टंक राम वर्मा ने ईडी की कार्रवाई को एक सतत और निष्पक्ष प्रक्रिया बताया, जो गलत काम करने वालों के खिलाफ होती है।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) दीपक बैज ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ईडी के पास कोई काम नहीं बचा है। उन्होंने ईडी से राज्य में हुए पुराने घोटालों, जैसे जग खरीदी, बस्तर ओलंपिक, चावल घोटाला, नकली होलोग्राम वाली शराब और नशे के कारोबार की जांच करने की मांग की।
ED की कार्रवाई पर सियासी घमासान
कहां-कहां हुई कार्रवाई?
- रायपुर: शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग और ला विस्टा कॉलोनी में पवन पोद्दार व सतपाल छाबड़ा के आवासों पर छापा मारा गया। सतपाल छाबड़ा का छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कृषि उपकरणों का कारोबार है।
- दुर्ग-भिलाई: पुरानी भिलाई के वसुंधरा नगर में अन्ना भूमि ग्रीन टैक्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी के घर और वैशाली नगर के विवेकानंद कॉलोनी में आदित्य दिनोदिया के ठिकानों पर भी ईडी की टीम पहुंची। यह कंपनी कृषि उपकरणों, ड्रिप सिंचाई और बाढ़ के खंभों की सप्लाई करती है।
- गरियाबंद: राजिम-महासमुंद मार्ग पर कारोबारी उगम राज कोठारी के घर और दुकान पर भी छापा पड़ा। वे कृषि यंत्रों की सप्लाई का सरकारी ठेका लेते हैं। ईडी की टीम ने उनके घर और दुकान को सील कर दिया है।
ईडी की इस कार्रवाई से कृषि और संबंधित क्षेत्रों के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, जबकि राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।











