नई दिल्ली : संसद के भीतर ई-सिगरेट के कथित इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा लोकसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग के बाद यह मामला और तूल पकड़ गया, जब भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर बड़ा दावा किया। मालवीय ने आरोप लगाया कि संसद परिसर में ई-सिगरेट पीते नजर आने वाले सांसद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कीर्ति आजाद हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो, आरोपों की धार तेज
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि संसद जैसी संवैधानिक संस्था में नियमों की अनदेखी अस्वीकार्य है। उनके मुताबिक, सदन के भीतर ई-सिगरेट को छिपाकर रखना संसदीय मर्यादा का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब संसद में अनुशासन सर्वोपरि है, तब इस तरह की हरकतें कैसे बर्दाश्त की जा सकती हैं।
The TMC MP accused by BJP MP Anurag Thakur of vaping inside Parliament is none other than Kirti Azad. For people like him, rules and laws clearly hold no meaning. Just imagine the audacity, hiding an e-cigarette in his palm while in the House!
Smoking may not be illegal, but… pic.twitter.com/kZGnYcP0Iu
— Amit Malviya (@amitmalviya) December 17, 2025
ममता बनर्जी से जवाब की मांग
मालवीय ने आगे कहा कि भले ही धूम्रपान कानूनन अपराध की श्रेणी में न आता हो, लेकिन संसद के भीतर इसका इस्तेमाल पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपने सांसद के आचरण पर स्पष्टीकरण देने की मांग भी की।
अनुराग ठाकुर की लोकसभा अध्यक्ष से शिकायत
इससे पहले भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा था। उन्होंने कहा कि लोकसभा भारतीय लोकतंत्र की सबसे पवित्र संस्थाओं में से एक है, जहां किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित उपकरण या पदार्थ का उपयोग सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। ठाकुर ने इसे संसदीय अनुशासन का उल्लंघन बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
सदन की गरिमा और युवाओं को संदेश
अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि संसद में इस तरह की घटनाएं देश के युवाओं को गलत संदेश देती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियमों का पालन हर सांसद के लिए समान रूप से अनिवार्य होना चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से क्यों न हो।













