Operation Pimple/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में बीते शुक्रवार देर रात से सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। सेना ने इस एनकाउंटर को ‘ऑपरेशन पिंपल’ नाम दिया है। मामले पर अब तक की जानकारी के अनुसार, दो आतंकियों को मार गिराया गया है, जबकि इलाके में तलाशी अभियान अभी भी चल रहा है।
घुसपैठ की कोशिश पर शुरू हुआ ‘ऑपरेशन पिंपल’
Operation Pimple मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को 7 नवंबर 2025 को केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश से जुड़ा पुख्ता इनपुट मिला था। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियों ने मिलकर एक संयुक्त अभियान शुरू किया।
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान सतर्क सैनिकों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और तुरंत इलाके को घेर लिया। जैसे ही आतंकियों ने खुद को फंसा हुआ देखा, उन्होंने सुरक्षा बलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सेना ने दो आतंकवादियों को मार गिराया।
मामले पर सेना ने बताया कि आतंकियों की पहचान और उनके संगठन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इलाके में क्लीन-अप ऑपरेशन जारी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और आतंकी छिपा न हो।
ऑपरेशन ‘पिंपल’ जारी, सेना का बयान
सेना की चिनार कोर ने अपने आधिकारिक ‘X’ अकाउंट पर पोस्ट किया कि “7 नवंबर को मिली सूचना के आधार पर केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया गया है। सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और आतंकियों को चुनौती दी। जवाबी कार्रवाई में दो आतंकवादी मारे गए हैं।”
सेना ने यह भी कहा कि ऑपरेशन पिंपल जारी है और इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पश्चिमी कमान प्रमुख ने लिया तैयारियों का जायजा
Operation Pimple इस बीच, भारतीय सेना की पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने आज यानी शुक्रवार को जम्मू संभाग के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया। उन्होंने जम्मू, कठुआ और सांबा जिलों में सेना की ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा की।
कटियार ने कहा कि सेना हर समय किसी भी खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने जवानों की हौसला-अफजाई करते हुए कहा कि “सीमा पर तैनात हमारे सैनिक देश की सुरक्षा की पहली दीवार हैं और उनकी सतर्कता से देश सुरक्षित है।”
बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता
कुपवाड़ा और उससे सटे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी को और बढ़ा दिया गया है। मामले पर स्थानीय प्रशासन ने भी ग्रामीणों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दें।
सेना ने कहा है कि किसी भी तरह की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने के लिए जवान चौबीसों घंटे मुस्तैद हैं। मौजूदा समय में मुठभेड़ स्थल को पूरी तरह घेर लिया गया है और ऑपरेशन के जल्द खत्म होने की संभावना है।











