NTPC Rihand Fly Ash Pollution : सिंगरौली: ऊर्जाधानी सिंगरौली में विकास की चमक के पीछे ‘राखड़’ का काला साया गहराता जा रहा है। एनटीपीसी रिहन्द परियोजना से होने वाले फ्लाई ऐश (राख) के परिवहन में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। रेलवे रैक के जरिए किए जा रहे इस परिवहन में राख से भरी बोगियों को बिना ढंके ही गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में राख की चादर बिछ गई है।
घर-आंगन में जम रही राख की परत: स्थानीय ग्रामीणों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, ठेका कंपनी एड टेक द्वारा राखड़ परिवहन में भारी लापरवाही बरती जा रही है। खुली बोगियों से उड़ने वाली राख हवा के साथ लोगों के घरों, रसोई, पीने के पानी और कपड़ों तक पहुँच रही है। स्थिति यह है कि सुबह होते ही फर्श पर राख की मोटी परत जमी मिलती है। इससे न केवल जनजीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि खेतों में खड़ी फसलों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
बढ़ रही बीमारियां, अधिकारी मौन: इस प्रदूषण के कारण क्षेत्र में सांस की बीमारी, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ग्रामीण प्रबंधन से जल छिड़काव और बोगियों को ढंकने की मांग कर रहे हैं, लेकिन एनटीपीसी प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जब इस संबंध में एनटीपीसी के जनसंपर्क अधिकारी से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने बैठक का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया। कम्युनिस्ट पार्टी के नेता संजय नामदेव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस प्रदूषणकारी परिवहन पर रोक नहीं लगाई गई, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।











