नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पदभार संभालते ही संगठन और चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। मंगलवार को जे.पी. नड्डा की जगह भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालते ही नितिन नबीन ने केरल, बेंगलुरु और तेलंगाना जैसे अहम राज्यों के लिए चुनावी प्रभारियों की घोषणा कर दी। इन नियुक्तियों को पार्टी के चुनावी एजेंडे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा—नितिन नबीन मेरे बॉस हैं
भाजपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी के मामलों में वे स्वयं को एक कार्यकर्ता मानते हैं और नितिन नबीन उनके ‘बॉस’ हैं। पीएम मोदी के इस बयान को संगठन में नई टीम और नए नेतृत्व के प्रति मजबूत समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
केरल विधानसभा चुनाव के लिए विनोद तावड़े को बड़ी जिम्मेदारी
नितिन नबीन की पहली बड़ी संगठनात्मक कार्रवाई के तहत राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को केरल विधानसभा चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। केरल में अप्रैल में चुनाव होने की संभावना है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा विनोद तावड़े को चंडीगढ़ मेयर चुनाव की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
ग्रेटर बेंगलुरु चुनाव में राम माधव की एंट्री
ग्रेटर बेंगलुरु कॉर्पोरेशन चुनाव के लिए भाजपा ने वरिष्ठ नेता राम माधव को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। उनके साथ राजस्थान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सतीश पूनिया और महाराष्ट्र के विधायक संजय उपाध्याय को सह-प्रभारी बनाया गया है। पार्टी के अनुसार ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी हैं।
तेलंगाना नगर निकाय चुनाव के लिए नई रणनीति
तेलंगाना नगर पालिका और निगम चुनावों के लिए महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ अशोक परनामी और राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को सह-प्रभारी बनाया गया है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
संगठन में नई ऊर्जा और आक्रामक रणनीति
नितिन नबीन ऐसे समय में भाजपा अध्यक्ष बने हैं जब पार्टी आगामी चुनावों को लेकर आक्रामक रणनीति अपनाने के मूड में है। पदभार संभालते ही जिस तेजी से उन्होंने चुनावी नियुक्तियां की हैं, उससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले समय में भाजपा संगठनात्मक स्तर पर और अधिक सक्रिय नजर आएगी।









