Pratappur Forest Range: सूरजपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग अंतर्गत आने वाले सूरजपुर जिले से मानव-हाथी द्वंद्व (Human-Elephant Conflict) की एक बेहद डरावनी और संवेदनशील खबर सामने आई है। जिले के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिंधरा में अचानक एक विशालकाय जंगली हाथी के घुसने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया है। रिहायशी इलाके में हाथी की मौजूदगी की खबर फैलते ही पूरे गांव के लोग सहम गए हैं और अपनी जान माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
भीड़ देखकर भड़का हाथी, लोगों को दौड़ाया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंगली हाथी जंगलों से भटककर अचानक ग्राम सिंधरा के रिहायशी और कृषि क्षेत्र के करीब पहुंच गया। जैसे ही ग्रामीणों को गांव में हाथी के आने की भनक लगी, वैसे ही कौतूहल और डर के मारे मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण दूर-दूर से हाथी को देखने और उसकी तस्वीरें व वीडियो बनाने के लिए जुटने लगे।
अचानक अपने सामने इंसानों की इतनी बड़ी भीड़ और शोर-शराबा देखकर जंगली हाथी बुरी तरह भड़क गया और आक्रामक हो गया। हाथी ने चिंघाड़ते हुए मौके पर मौजूद भीड़ पर हमला करने के लिए उन्हें दूर तक दौड़ाया। हाथी को अपनी तरफ आक्रामक रूप से बढ़ते देख ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर इधर-उधर भागने लगे। राहत की बात यह रही कि इस भगदड़ में फिलहाल किसी के गंभीर रूप से हताहत होने की प्रारंभिक सूचना नहीं है।
वन विभाग की टीम मौके पर मुस्तैद, सतर्क रहने की अपील
घटना की सूचना मिलते ही प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की टीम तत्काल दलबल के साथ ग्राम सिंधरा पहुंची। वन विभाग के कर्मचारी और विशेषज्ञ लगातार हाथी की गतिविधियों और उसकी मूवमेंट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। वन अमले द्वारा लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से ग्रामीणों को लगातार सतर्क किया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों और आस-पास के क्षेत्र के लोगों से सख्त अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में हाथी के करीब जाने की कोशिश न करें, न ही उसे घेरकर परेशान करने या उसका वीडियो बनाने का जोखिम उठाएं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने घरों में सुरक्षित रहने, रात के समय अकेले बाहर न निकलने और हाथियों के दल या अकेले हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की हिदायत दी है, ताकि किसी भी अप्रिय जनहानि को समय रहते रोका जा सके।







