Khairua Sarkar Temple Coconut Scam: सतना। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित सुप्रसिद्ध राम लला मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि मध्य प्रदेश के सतना जिले से आस्था को ठेस पहुंचाने वाली एक और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सतना के नागौद स्थित सुप्रसिद्ध खैरुआ सरकार हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अपनी मन्नत और इच्छापूर्ति के लिए बांधे गए नारियलों को मंदिर के पुजारियों द्वारा चोरी-छिपे बेचने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना से पूरे क्षेत्र के भक्तों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मामले का खुलासा होने के बाद नागौद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पुजारी और उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महज ₹7,000 में बेच दिए आस्था के प्रतीक नारियल
नागौद क्षेत्र का खैरुआ सरकार मंदिर दशकों से आम जनमानस के साथ-साथ मध्य प्रदेश के कई मंत्रियों और रसूखदारों की अटूट आस्था का केंद्र रहा है। अकौना-साठिया गांव के निवासी बृजराज सिंह परिहार द्वारा नागौद थाने में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के अनुसार, मंदिर के पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी ने भक्तों द्वारा बांधे गए मन्नत के नारियलों का गुपचुप तरीके से सौदा कर दिया।
आरोप है कि दोनों भाइयों ने इन पवित्र नारियलों को महज 7 हजार रुपये में बेच दिया। जब श्रद्धालुओं को इसकी भनक लगी, तो उन्होंने लाल कपड़ों में बंधे मन्नत के नारियलों से लोड एक यूपी पासिंग गाड़ी (संख्या: UP93DT0759) को मौके पर रंगे हाथों पकड़ लिया और तत्काल नागौद कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया।
रिसीवर एसडीएम की अनुमति के बिना की बिक्री
उल्लेखनीय है कि खैरुआ सरकार मंदिर की देखरेख और संचालन का जिम्मा वर्तमान में न्यायालय के आदेशानुसार नागौद अनुविभागीय अधिकारी (SDM) के पास है, जिन्हें कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है। नियमानुसार, मंदिर परिसर की किसी भी सामग्री की खरीदी, बिक्री या निर्माण कार्य के लिए रिसीवर (एसडीएम) की पूर्व अनुमति अनिवार्य है। पुजारियों को सीधे तौर पर मंदिर की कोई भी सामग्री बेचने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
पुलिस ने दर्ज किया अमानत में खयानत का केस
भक्तों की शिकायत और प्राथमिक जांच के बाद नागौद पुलिस ने आरोपी पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि आस्था पर गहरी चोट करने वाले इस कृत्य को लेकर जिला प्रशासन पुजारियों के खिलाफ क्या सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करता है।







