Monday, August 31, 2026
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MP Congress Letter War Dispute: एमपी कांग्रेस में लेटर वॉर: दिग्विजय सिंह पर टिप्पणी मामले में कारण बताओ नोटिस पर बिफरीं निधि चतुर्वेदी

MP Congress Letter War Dispute: भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में अनुशासन और अंदरूनी खींचतान का एक नया और हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर सोशल मीडिया पर की गई एक कथित विवादित टिप्पणी को लेकर जारी हुआ नोटिस अब मानहानि की दहलीज पर जा पहुंचा है। कांग्रेस की प्रदेश महासचिव निधि चतुर्वेदी ने खुद को मिले कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) पर अपनी ही पार्टी के संगठन प्रभारी व महासचिव संजय कांबले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दे दी है।

‘जब पद एक बराबर, तो नोटिस क्यों?’

अनुशासनहीनता का नोटिस मिलने के बाद निधि चतुर्वेदी ने बैकफुट पर जाने के बजाय सीधे आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने संगठन प्रभारी संजय कांबले को लिखे एक पत्र में सीधे तौर पर उनकी विधिक और संवैधानिक हैसियत पर सवाल उठाए हैं। निधि ने पूछा कि संगठन में दोनों का पद (महासचिव) बिल्कुल बराबर है, ऐसे में कांबले को उन्हें नोटिस देने का क्या अधिकार है?

निधि चतुर्वेदी ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि संगठन ने इस नोटिस को उन्हें व्यक्तिगत रूप से देने के बजाय जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, ताकि सार्वजनिक रूप से उनकी छवि धूमिल की जा सके।

7 दिनों का अल्टीमेटम, वरना मानहानि का मुकदमा

कांग्रेस की महिला नेत्री अब इस मुद्दे पर पूरी तरह आर-पार के मूड में नजर आ रही हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि संजय कांबले इस पूरे घटनाक्रम और नोटिस को सोशल मीडिया पर लीक करने को लेकर अगले 7 दिनों के भीतर लिखित में अपना स्पष्टीकरण दें। निधि ने साफ कहा है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो वे अपनी छवि खराब करने के आरोप में कोर्ट में मानहानि (Defamation) का केस दायर करेंगी।

संगठन के अंतर्विरोध आए सामने

मध्य प्रदेश कांग्रेस (PCC) में नेताओं के बीच जुबानी जंग और गुटबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन महासचिव स्तर के पदाधिकारियों द्वारा सरेआम एक-दूसरे को अदालत में घसीटने की चेतावनी देना संगठन की कमजोर कमान को दर्शाता है। इस पूरे ‘लेटर वॉर’ पर अब पीसीसी चीफ और केंद्रीय आलाकमान के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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