CG News: बैलाडीला की पहाड़ियों से 40 टन लौह अयस्क से भरा ट्रक जब्त, अवैध तस्करी का बड़ा नेटवर्क उजागर

Rahul Goshwami

Bailadila Iron Ore Smuggling: बैलाडीला लोहा चोरी का बड़ा मामला छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से सामने आया है। दंतेवाड़ा जिले की बैलाडीला पहाड़ियों से उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क की अवैध तस्करी करने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए 40 टन लौह अयस्क से भरे 10 चक्का ट्रक को जब्त किया है। शुरुआती जांच में बैलाडीला लोहा चोरी का नेटवर्क रायपुर तक फैला होने की बात सामने आई है।

बैलाडीला लोहा चोरी का खुलासा उस समय हुआ जब वन विभाग की टीम सोमवार देर रात सातधार से बचेली मार्ग पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक के आगे स्कॉर्पियो और पीछे स्कूटी संदिग्ध तरीके से चलती दिखाई दी। वन अमले ने घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया, लेकिन स्कॉर्पियो और स्कूटी सवार मौके से फरार हो गए। ट्रक चालक भी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।

40 टन लौह अयस्क बरामद
बैलाडीला लोहा चोरी मामले में जब ट्रक की जांच की गई तो उसमें बिना किसी वैध दस्तावेज के करीब 40 टन ओवरसाइज लौह अयस्क भरा मिला। अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए लौह अयस्क की अनुमानित कीमत करीब 3.40 लाख रुपये है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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जंगल में होती थी अवैध खुदाई
जांच में सामने आया कि बैलाडीला लोहा चोरी की शुरुआत धुरली के जंगलों में अवैध खुदाई से होती थी। तस्कर जेसीबी मशीनों की मदद से लौह अयस्क निकालते थे और फिर ट्रकों में भरकर दूसरे जिलों की ओर भेजते थे। इस पूरे काम को संगठित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था।

ऐसे काम करता था पूरा नेटवर्क
बैलाडीला लोहा चोरी के नेटवर्क में स्थानीय दलालों की अहम भूमिका सामने आई है। जानकारी के अनुसार धुरली और पंडेवार इलाके से ट्रकों में लौह अयस्क लोड कराया जाता था। दलाल प्रत्येक ट्रक को दंतेवाड़ा जिले की सीमा पार कराने के बदले करीब 15 हजार रुपये कमीशन लेते थे। इसके बाद ट्रक मालिकों को रायपुर तक माल पहुंचाने के लिए लगभग 2 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाता था।

रायपुर पहुंचकर मिलते थे आगे के निर्देश
बैलाडीला लोहा चोरी की जांच में यह भी पता चला कि ट्रक चालकों को केवल रायपुर तक माल पहुंचाने के निर्देश दिए जाते थे। अंतिम डिलीवरी कहां करनी है, इसकी जानकारी रास्ते में नहीं दी जाती थी। रायपुर पहुंचने के बाद फोन पर बताया जाता था कि किस स्पंज आयरन फैक्ट्री में लौह अयस्क खाली करना है। इससे पूरे नेटवर्क की गोपनीयता बनी रहती थी।

वन विभाग कर रहा आगे की जांच
बैलाडीला लोहा चोरी मामले में वन विभाग अब फरार ट्रक चालक, वाहन मालिक और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

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