Ambikapur Food Safety Crackdown: अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में सेहत के लिए हानिकारक एनालॉग (आर्टिफिशियल/मिलावटी) पनीर के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के बाद अब खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग एक्शन मोड में आ गया है। अंबिकापुर बस स्टैंड पर चलाए गए एक विशेष जांच अभियान के दौरान टीम ने एक यात्री बस से भारी मात्रा में प्रतिबंधित एनालॉग पनीर जब्त किया है।
इस मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बस संचालक और संबंधित महामाया डेयरी के खिलाफ वैधानिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।
बस स्टैंड पर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया खेप
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को सूचना मिली थी कि राज्यव्यापी प्रतिबंध के बावजूद अन्य जिलों या बाहरी क्षेत्रों से बसों के जरिए एनालॉग पनीर की सप्लाई की जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर बस स्टैंड में बसों की सघन तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान एक यात्री बस में बिना किसी वैध पक्के बिल और गुणवत्ता मानकों के परिवहन किया जा रहा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर बरामद हुआ। अधिकारियों ने तुरंत पंचनामा बनाकर माल को जब्त कर लिया और सैंपल परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
अवैध डेयरी कारोबारियों और ट्रांसपोर्टरों को सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक शुरुआत है और जिले भर में यह विशेष जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा। खाद्य विभाग ने चेतावनी दी है कि:
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बिना वैध बिल और जीएसटी/एफएसएसएआई (FSSAI) दस्तावेजों के दूध या दुग्ध उत्पादों का परिवहन करने वाले वाहनों को तुरंत जब्त किया जाएगा।
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नकली/एनालॉग पनीर की खरीदी, बिक्री या भंडारण में लिप्त पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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विभाग ने आम नागरिकों और व्यापारियों से भी अपील की है कि वे ऐसे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम वाले उत्पादों के व्यापार से पूरी तरह दूरी बनाएं।
स्वास्थ्य मंत्री के कड़े निर्देश, रायपुर में भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे राज्य में एनालॉग (आर्टिफिशियल) पनीर की बिक्री को पूरी तरह प्रतिबंधित करने का ऐतिहासिक ऐलान किया था। रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले एक वर्ष से मिल रही शिकायतों के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया।
इससे पहले राजधानी रायपुर के बीरगांव स्थित ‘काशी एग्रो फूड्स’ फैक्ट्री पर छापेमारी कर करीब 2,500 किलो संदिग्ध एनालॉग पनीर जब्त किया गया था और फैक्ट्री को सील किया गया था। सरकार और प्रशासन का साफ संदेश है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा।




