MP Governance Crackdown: भोपाल, मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप प्रदेश में चलाए जा रहे ‘जन विश्वास अभियान’ को परिणाममूलक और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने प्रशासनिक अमले पर शिकंजा कस दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आधिकारिक निर्देशों के तहत मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों के साथ उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर अभियान की विस्तृत समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की परफॉर्मेंस का आकलन महज शिकायतों के निराकरण के आंकड़ों या संख्या से नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके फील्ड भ्रमण के दौरान मिलने वाली शिकायतों में वास्तव में आई कमी के आधार पर उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार होगा।
नए आवेदनों का तय समय में हो निराकरण, बनेंगे निरीक्षण पत्र
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शासकीय योजनाओं से संबंधित नए आवेदनों को तत्परता से प्राप्त कर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
अभियान से जुड़े विभिन्न विभागों के जमीनी कामकाज का वास्तविक आकलन करने के लिए विस्तृत ‘निरीक्षण पत्र’ (Inspection Sheets) तैयार किए जाएंगे। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि योजनाएं अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सही रूप में पहुंच रही हैं या नहीं।
‘उद्यम संवाद’ और लोक सेवा गारंटी के मामलों पर विशेष जोर
प्रशासनिक बैठक में उद्यम संवाद कार्यक्रम के तहत उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से जुड़ी विभिन्न स्वीकृतियों (Clearances) और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों को तय समयसीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए।
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उच्चस्तरीय एस्केलेशन व्यवस्था: यदि किसी शिकायत या जटिल मुद्दे का समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं हो पाता है, तो उसकी फाइल तुरंत संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) या प्रमुख सचिव (Principal Secretary) को भेजी जाएगी ताकि राज्य स्तर से त्वरित समाधान हो सके।
सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से ऑनलाइन मॉनिटरिंग, संभागायुक्त करेंगे दौरे
मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि पूरे अभियान की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए रोस्टर प्रणाली और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल को अभियान के डैशबोर्ड से सीधे जोड़ा गया है।
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संभागायुक्तों की जवाबदेही: संभागायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने संभाग के सभी जिलों का स्वयं मैदानी निरीक्षण करें और निचले स्तर के अधिकारियों की कार्यस्थल पर मौजूदगी सुनिश्चित कराएं।
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व्यापक समीक्षा नीति: मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव के जिला दौरे के दौरान केवल संबंधित कार्यक्रम स्थल ही नहीं, बल्कि पूरे जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सभी जन कल्याणकारी योजनाओं की समग्र समीक्षा की जाएगी।




