Mega ED Action in CG: रायपुर। रायपुर-विशाखापत्तनम नेशनल हाईवे के लिए भारतमाला परियोजना के तहत किए गए भूमि अधिग्रहण में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 12.78 करोड़ रुपये मूल्य की 62 चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) जारी कर अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।
कुर्क की गई संपत्तियों में अचल जायदाद के अलावा विभिन्न वित्तीय साधनों में किया गया निवेश शामिल है, जिसमें लगभग 4.69 करोड़ रुपये के शेयर और म्यूचुअल फंड भी शामिल हैं।
14 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट
ED ने इस घोटाले के मुख्य आरोपी जय प्रकाश गांधी सहित 14 लोगों के खिलाफ रायपुर की विशेष PMLA अदालत में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (पूरक अभियोजन शिकायत) दाखिल की है।
जांच एजेंसी की शुरुआत छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज FIR क्रमांक 30/2025 (23 अप्रैल 2025) के आधार पर हुई थी। यह प्राथमिकी अभनपुर के तत्कालीन SDO (राजस्व)/CALA निर्भय साहू, भू-माफियाओं और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई थी।
कैसे रची गई घोटाले की पटकथा? (फर्जीवाड़े का Modus Operandi)
ED की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 30 जनवरी 2020 को भूमि अधिग्रहण की प्राथमिक अधिसूचना जारी होने के बाद:
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ज़मीन के टुकड़े कर बढ़ाया मुआवजा: भू-माफियाओं, दलालों और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से अधिसूचना के बाद आनन-फानन में जमीनें खरीदी गईं।
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फर्जी नामांतरण व दानपत्र: अधिक से अधिक मुआवजा ऐंठने के लिए जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर परिवार के सदस्यों के नाम पर बिक्री व दान विलेख के जरिए ट्रांसफर किया गया।
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56 लाख के हक पर 9.83 करोड़ का मुआवजा: आरोपी जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को नियमानुसार केवल ₹56.76 लाख का वैध मुआवजा मिलना था, लेकिन फर्जीवाड़े के दम पर ₹9.83 करोड़ हड़प लिए गए। इससे करीब ₹9.27 करोड़ की अवैध कमाई (Proceeds of Crime) जनरेट हुई।
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गोद ली बेटी बनकर 2.13 करोड़ की चपत: गांव उगेतारा की भूमि के मामले में आरोपी उमा तिवारी ने खुद को एक मृत भू-स्वामी की गोद ली हुई बेटी बताकर फर्जी राजस्व रिकॉर्ड के सहारे ₹2.13 करोड़ का मुआवजा हासिल कर लिया।
अब तक कुल 36.14 करोड़ रुपये की संपत्ति हो चुकी है अटैच
ED ने जय प्रकाश गांधी को 3 जून 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। इससे पहले की गई छापेमारी में ₹49 लाख नकद और ₹89.80 लाख मूल्य की 37.133 किग्रा चांदी जब्त की जा चुकी है।
लैंड सिंडिकेट से जुड़ी ₹23.35 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी थी। हालिया कार्रवाई के बाद इस पूरे भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED द्वारा जब्त व कुर्क की गई कुल संपत्तियों का आंकड़ा ₹36.14 करोड़ तक पहुंच गया है। एजेंसी के अनुसार, मामले में अन्य संलिप्त अधिकारियों व दलालों पर जांच जारी है।




