India-Maldives : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मालदीव की यात्रा पर हैं। यह दौरा खास इसलिए भी है क्योंकि मालदीव ने उन्हें अपनी स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। जब प्रधानमंत्री मोदी माले एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी भी दी।
यह प्रधानमंत्री मोदी का तीसरा मालदीव दौरा है और मुइज्जू के कार्यकाल में किसी भी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की पहली यात्रा भी है। इस दौरान भारत और मालदीव के बीच कई रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समझौते हुए, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण था ₹4,850 करोड़ की नई ‘लाइन ऑफ क्रेडिट’।
क्या-क्या मिला मालदीव को भारत से…
- ₹4,850 करोड़ की वित्तीय सहायता: भारत ने मालदीव को विकास परियोजनाओं के लिए यह लोन सहायता प्रदान की है। इसका उद्देश्य मालदीव में आधारभूत ढांचे को मज़बूत करना और आर्थिक स्थिरता को बढ़ाना है।
- 72 सैन्य वाहन और उपकरण: भारत ने मालदीव की रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए 72 वाहन और अन्य उपकरण भी सौंपे।
- 3,300 सामाजिक आवास इकाइयों का हस्तांतरण: भारत की बायर्स क्रेडिट सुविधा के अंतर्गत निर्मित ये इकाइयाँ अब आधिकारिक रूप से मालदीव को सौंपी गईं। इससे हज़ारों नागरिकों को सुरक्षित और किफायती आवास मिलेगा।
- 6 हाई-इम्पैक्ट सामुदायिक विकास परियोजनाओं की शुरुआत: भारत की मदद से शुरू हुई ये परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, जल और सड़क जैसे क्षेत्रों में स्थानीय समुदाय को लाभ देंगी।
- आद्दू सिटी में सड़क एवं जलनिकासी परियोजना का उद्घाटन: इस परियोजना से दक्षिणी मालदीव के इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचा सुधरेगा।
- IMFTA (India-Maldives Free Trade Agreement) पर बातचीत की शुरुआत: इस समझौते के ज़रिए दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिल सकती है।
- संयुक्त डाक टिकट का विमोचन: भारत और मालदीव के कूटनीतिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ पर दोनों देशों ने एक साथ एक विशेष स्मारक डाक टिकट जारी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा…
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – “भारत, मालदीव का सबसे निकटतम और विश्वासपात्र पड़ोसी है। मालदीव न केवल भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का अहम हिस्सा है, बल्कि हमारे ‘सागर विजन’ (Security and Growth for All in the Region) में भी इसकी विशेष भूमिका है। भारत ने हमेशा मालदीव के साथ संकट की घड़ी में पहले मदद की — चाहे प्राकृतिक आपदा हो या महामारी।”
उन्होंने आगे कहा,
“4,000 सामाजिक आवास परियोजनाएं, 72 सैन्य वाहन और अब ₹4,850 करोड़ की नई सहायता — ये सभी पहलू इस बात के प्रतीक हैं कि भारत और मालदीव के संबंध सिर्फ रणनीतिक नहीं बल्कि लोगों से जुड़े, भरोसे पर टिके और भविष्य की दिशा तय करने वाले हैं।”











