Nemawar Storm Havoc: नेमावर बेल्ट में आंधी-बारिश का तांडव, पेड़ उखड़े, बिजली व्यवस्था ध्वस्त, कई गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

Anuj Nirala

Nemawar Storm Havoc: देवास/नेमावर। नेमावर बेल्ट में रविवार को आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी। अचानक बदले मौसम ने दो दर्जन से अधिक गांवों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई विशाल पेड़ धराशाई हो गए, बिजली के तार टूटकर जमीन पर गिर पड़े, ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए और कई मकानों व टपरियों की चादरें उड़ गईं। हालात ऐसे बन गए कि कई गांवों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा और लोगों को पेयजल से लेकर दैनिक जरूरतों तक के लिए संघर्ष करना पड़ा।

Nemawar Storm Havoc: जानकारी के अनुसार नेमावर, जामनेर, दुलवा, कुड़गांव, तुरनाल, दैयत सहित आसपास के दो दर्जन से अधिक गांव इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर वर्षों पुराने पेड़ जड़ से उखड़ गए और सड़कों पर गिर पड़े। इसके कारण कई मार्गों पर यातायात भी प्रभावित हुआ।

READ MORE: Jabalpur Woman Protest: जबलपुर के मदन महल थाने में आत्मदाह की कोशिश से हड़कंप, युवती ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप; महिला स्टाफ की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

स्वागत द्वार गिरने से दो घंटे बंद रहा आवागमन

Nemawar Storm Havoc: नेमावर में तेज आंधी के चलते मुख्य मार्ग पर बना स्वागत द्वार अचानक भरभराकर गिर गया। स्वागत द्वार सड़क पर गिरने से लगभग दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। बाद में स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाया गया, जिसके बाद आवागमन बहाल हो सका।

कई गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप

Nemawar Storm Havoc: आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। जगह-जगह बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त हो गए। कई गांवों में तार टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। कुड़गांव और दुलवा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने की भी खबर सामने आई है।

Nemawar Storm Havoc: कुड़गांव खुर्द के ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली बंद है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही और उदासीनता का आरोप लगाया है।

टपरियां गिरीं, लोगों को आई चोटें

Nemawar Storm Havoc: तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर अस्थायी टपरियां और झोपड़ियां गिर गईं। कुछ ग्रामीणों को चोटें भी आई हैं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है। आंधी थमने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकलकर बिखरा सामान और उड़ी हुई चादरों को तलाशते नजर आए।

पेयजल संकट और बंद हुईं आटा चक्कियां

Nemawar Storm Havoc: बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। मोटर पंप बंद होने के कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। वहीं बिजली नहीं होने से आटा चक्कियां भी बंद पड़ी हैं। मजदूर वर्ग और गरीब परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वे रोजाना जरूरत के अनुसार आटा पिसवाकर भोजन तैयार करते हैं।

मोबाइल बंद, संचार व्यवस्था भी प्रभावित

Nemawar Storm Havoc: बिजली गुल होने के कारण मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं, जिससे कई गांवों में संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। लोग अपने परिजनों और रिश्तेदारों से संपर्क करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं। वहीं किराना व्यापारियों का कहना है कि बिजली नहीं होने से उनका कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

READ MORE: Indore Shop Burglary: इंदौर में लाखों की चोरी का खुलासा टीन शेड उखाड़कर दुकान में घुसे शातिर बदमाश गिरफ्तार, 250 CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने पकड़ा गिरोह

ग्रामीणों में आक्रोश, जल्द राहत की मांग

Nemawar Storm Havoc: लगातार बिजली संकट, खराब सड़कों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने मांग की है कि प्रभावित गांवों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाए और जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल कर राहत कार्य शुरू किए जाएं।

Nemawar Storm Havoc: आंधी-बारिश के इस कहर ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और बिजली व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *