Heat Stroke Prevention: जून में सूरज का रौद्र रूप: 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा, लू और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स

VIKASH KHALKHO

Heat Stroke Prevention: रायपुर। जून का महीना शुरू होते ही देश सहित पूरे प्रदेश में सूरज का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जिसके चलते आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। आसमान से बरसती आग और हर दिन 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाते तापमान ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। लगातार चल रही गर्म हवाओं (लू) और चिलचिलाती धूप के कारण अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम विशेषकर उन लोगों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील है जो अपनी आजीविका के लिए दिनभर बाहर काम करते हैं—जैसे खेतिहर किसान, निर्माण मजदूर, डिलीवरी बॉय और चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी। लगातार तेज धूप के संपर्क में रहने से शरीर में पानी की अचानक कमी हो जाती है, जो कई बार जानलेवा ‘हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का कारण बन सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अक्सर लोग काम की व्यस्तता में अपने शरीर की बुनियादी जरूरतों, जैसे समय पर पानी पीना, को नजरअंदाज कर देते हैं। धूप में लंबे समय तक रहने पर यदि आपको चक्कर आना, अत्यधिक थकान, सिरदर्द या घबराहट महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान समझने की भूल कतई न करें। यह हीट स्ट्रोक के शुरुआती और गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति निर्मित होने पर पीड़ित व्यक्ति को तुरंत किसी पेड़ या छांव वाली ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए, उसे ओआरएस (ORS) या सामान्य पानी देना चाहिए और शरीर का तापमान नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। थोड़ी सी भी लापरवाही इस मौसम में भारी पड़ सकती है।

शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे अचूक उपाय

गर्मियों के इस सितम से बचने के लिए डॉक्टरों ने ‘हाइड्रेशन’ को सबसे बड़ा हथियार बताया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से बाहर निकलने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और अपने साथ पानी की बोतल हमेशा अनिवार्य रूप से रखें। सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि प्रत्येक 15 से 20 मिनट के अंतराल में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। इसके अतिरिक्त, बाजार के रासायनिक कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय प्राकृतिक पेय पदार्थों जैसे नींबू पानी, नारियल पानी, ताजी छाछ, पुदीने का रस और घर में बने पारंपरिक शरबत का सेवन करें। ये पेय न केवल शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को भी पूरा करते हैं। बाहर निकलते समय हमेशा सूती, ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनें ताकि शरीर में हवा का प्रवाह बना रहे।

धूप से घर लौटने के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियाँ

अक्सर देखा जाता है कि लोग कड़कड़ाती धूप से सीधे घर लौटते ही पंखे, कूलर या एयर कंडीशनर (AC) के ठीक सामने बैठ जाते हैं और फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी पी लेते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह आदत शरीर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदेह है। अचानक तापमान बदलने (Thermal Shock) से सर्दी-खांसी, बुखार और सिरदर्द की समस्या घेर सकती है। धूप से आने के बाद कम से कम 5 से 10 मिनट तक सामान्य वातावरण में आराम करें, जब शरीर का तापमान सामान्य हो जाए, तभी चेहरे और हाथ-पैरों को सामान्य पानी से धोएं या स्नान करें। इसके साथ ही, इस मौसम में तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरे जैसे मौसमी फलों का प्रचुर मात्रा में सेवन करें, जिनमें पानी की मात्रा 90 प्रतिशत से अधिक होती है। याद रखें, सजगता और छोटी-छोटी सावधानियां ही आपको इस भीषण गर्मी में सुरक्षित रख सकती हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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