NEET Aspirant Suicide: इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉक्टर बनने का सपना संजोए एक होनहार छात्रा ने कथित तौर पर तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद परिवार, रिश्तेदार और आसपास के लोग स्तब्ध हैं। छात्रा पिछले तीन वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही थी और आगामी परीक्षा को लेकर लगातार मेहनत कर रही थी।
NEET Aspirant Suicide: घटना भंवरकुआं थाना क्षेत्र स्थित न्यू बर्ग कॉलोनी की है। मृतक छात्रा की पहचान अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है। वह इंदौर में अपनी बड़ी बहन के साथ किराए के मकान में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। परिवार के अनुसार अवंतिका का बचपन से सपना डॉक्टर बनने का था और वह पढ़ाई में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन करती थी।
घटना से पहले सामान्य थी बातचीत, किसी को नहीं था अंदाजा
NEET Aspirant Suicide: जानकारी के मुताबिक घटना से कुछ देर पहले अवंतिका मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत कर रही थी। इसके बाद वह मकान की तीसरी मंजिल पर पहुंची और वहां से नीचे कूद गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल परिजनों को सूचना दी। गंभीर हालत में छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
NEET Aspirant Suicide: घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि अवंतिका शांत स्वभाव की और पढ़ाई में डूबी रहने वाली छात्रा थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकती है।
तीन साल से कर रही थी NEET की तैयारी
NEET Aspirant Suicide: परिजनों के अनुसार अवंतिका पिछले तीन वर्षों से लगातार NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह डॉक्टर बनने को लेकर बेहद गंभीर थी और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही थी। हालांकि लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिलने से वह अंदर ही अंदर परेशान रहने लगी थी।
NEET Aspirant Suicide: परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में वह पहले की तुलना में कम बात कर रही थी और अक्सर चिंतित दिखाई देती थी। परीक्षा को लेकर बढ़ता दबाव और भविष्य की चिंता उसके मानसिक तनाव का कारण हो सकती है।
NEET परीक्षा और अनिश्चितता ने बढ़ाया तनाव
NEET Aspirant Suicide: परिजनों का कहना है कि हाल के समय में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बनी अनिश्चितता और लगातार बदलते हालातों का भी अवंतिका पर गहरा प्रभाव पड़ा था। बताया जा रहा है कि परीक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं और दोबारा तैयारी के दबाव ने उसे मानसिक रूप से कमजोर कर दिया था।
NEET Aspirant Suicide: परिवार के अनुसार उसकी परीक्षा भी कुछ ही दिनों बाद होने वाली थी। वह लगातार पढ़ाई में लगी हुई थी, लेकिन अंदर ही अंदर किसी तनाव से जूझ रही थी।
कजन सिस्टर ने कहा – डॉक्टर बनना उसका सबसे बड़ा सपना था
NEET Aspirant Suicide: अवंतिका की कजन सिस्टर ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई में बहुत होशियार थी और हमेशा अच्छे अंक लेकर आती थी। डॉक्टर बनने का सपना उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा लक्ष्य था।
NEET Aspirant Suicide: उन्होंने बताया कि घटना से एक दिन पहले भी उनकी वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। उस दौरान अवंतिका सामान्य लगी थी और किसी भी तरह की परेशानी का अंदाजा नहीं हुआ था। इसलिए उसके इस कदम ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
पिता बोले – शायद मानसिक दबाव में थी बेटी
NEET Aspirant Suicide: मृतक छात्रा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित थी। हालांकि पिछले कुछ दिनों से वह कम बातचीत कर रही थी और कुछ चिंतित नजर आ रही थी। उन्हें आशंका है कि वह मानसिक दबाव में रही होगी।
NEET Aspirant Suicide: परिवार का कहना है कि पढ़ाई और परीक्षा का तनाव उसके ऊपर लगातार बढ़ रहा था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि इसका इतना दुखद परिणाम सामने आएगा।
पुलिस ने शुरू की जांच
NEET Aspirant Suicide: घटना की सूचना मिलते ही भंवरकुआं थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही परिजनों और परिचितों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
NEET Aspirant Suicide: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
फिर सामने आया छात्रों पर बढ़ते दबाव का मुद्दा
NEET Aspirant Suicide: अवंतिका की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्र किस तरह के मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं। सफलता की दौड़, करियर की चिंता, परिवार की उम्मीदें और भविष्य की अनिश्चितता कई बार युवाओं पर भारी पड़ जाती है।
NEET Aspirant Suicide: विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को केवल शैक्षणिक मार्गदर्शन ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक सहयोग भी मिलना चाहिए, ताकि वे तनावपूर्ण परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।
NEET Aspirant Suicide: अवंतिका अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत समाज, अभिभावकों और शिक्षा व्यवस्था के सामने कई गंभीर सवाल छोड़ गई है। एक होनहार बेटी का डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह गया और परिवार की उम्मीदें हमेशा के लिए टूट गईं।









