NEET Exam Monitoring: भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस और खुफिया विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पेपर लीक, अफवाह, साइबर अपराध या असामाजिक गतिविधियों को रोकने के लिए इस बार विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। पहली बार प्रदेशभर में 38 साइबर कमांडो सक्रिय रहेंगे, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे।
NEET Exam Monitoring: मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में NEET परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा तथा परीक्षा से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
NEET Exam Monitoring: डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही या सुरक्षा में चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं और अन्य परीक्षा सामग्री की सुरक्षित वापसी तक पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहें।
सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर
NEET Exam Monitoring: पिछले वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने की घटनाओं को देखते हुए इस बार विशेष रणनीति तैयार की गई है। साइबर कमांडो फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब, व्हाट्सएप, टेलीग्राम सहित सभी प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखेंगे। संदिग्ध गतिविधियों, फर्जी संदेशों, पेपर लीक संबंधी अफवाहों और साइबर नेटवर्क की तत्काल जांच की जाएगी।
72 घंटे पहले से हाई अलर्ट
NEET Exam Monitoring: पुलिस मुख्यालय ने परीक्षा से 72 घंटे पहले ही विशेष अलर्ट जारी करने का निर्णय लिया है। इस दौरान स्थानीय पुलिस, साइबर सेल, स्पेशल ब्रांच और खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से सक्रिय रहेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
होटल, लॉज और कोचिंग संस्थानों की होगी जांच
NEET Exam Monitoring: डीजीपी कैलाश मकवाना ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में होटल, लॉज, छात्रावास, कोचिंग संस्थानों और परीक्षा से जुड़े संवेदनशील स्थलों की विशेष जांच की जाए। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्थान पर संदिग्ध गतिविधियां संचालित न हो रही हों। आवश्यकता पड़ने पर सत्यापन अभियान भी चलाया जाएगा।
पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस
NEET Exam Monitoring: बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत कार्य करेंगे। यदि किसी भी स्तर पर पेपर लीक, नकल, परीक्षा में धांधली या साइबर अपराध की कोशिश सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
283 केंद्रों पर होगी परीक्षा
NEET Exam Monitoring: मध्यप्रदेश में इस वर्ष NEET परीक्षा के लिए 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। सबसे अधिक परीक्षा केंद्र भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में स्थापित किए गए हैं। इन शहरों को विशेष निगरानी श्रेणी में रखा गया है।
पुलिस अधीक्षकों को दिए गए विशेष निर्देश
NEET Exam Monitoring: डीजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे 20 जून तक सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करें और सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण करें। साथ ही परीक्षा ड्यूटी में लगे पुलिस बल और अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
NEET Exam Monitoring: प्रदेश पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ संपन्न हो तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।









