MP ATS Investigation: भोपाल। मध्यप्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए संदिग्धों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, इस मामले के तार मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
MP ATS Investigation: सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि कुछ लोग कथित तौर पर युवाओं को प्रभावित कर उन्हें संदिग्ध गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। ATS फिलहाल इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर मामले की पड़ताल की जा रही है।
MP ATS Investigation: जानकारी के अनुसार, बिहार के मधुबनी जिले से गिरफ्तार किए गए एक संदिग्ध से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि मधुबनी स्थित एक मदरसे से जुड़े शिक्षक इज़हारुल से पूछताछ में संदिग्ध नेटवर्क के संचालन और संपर्कों को लेकर महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
MP ATS Investigation: सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर भारतीय सिम कार्डों का इस्तेमाल सीमा पार बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाने के लिए किया जाता था। जांच में यह भी पता चला है कि विभिन्न पहचान पत्रों और आधार कार्डों के माध्यम से अलग-अलग जिलों से सिम कार्ड खरीदे गए थे।
MP ATS Investigation: जांच एजेंसियों के मुताबिक, बिहार के भागलपुर, बांका, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और मधुबनी समेत कई जिलों से सिम कार्ड जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है। इन सिम कार्डों के उपयोग और इनके अंतिम गंतव्य को लेकर ATS और अन्य एजेंसियां विस्तृत जांच कर रही हैं।
MP ATS Investigation: सूत्रों का दावा है कि इन सिम कार्डों को नेपाल के रास्ते कथित तौर पर पाकिस्तान तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध कई बार नेपाल की यात्रा कर चुका है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा अभी सार्वजनिक रूप से नहीं की गई है।
MP ATS Investigation: ATS और केंद्रीय एजेंसियां अब इस पूरे मामले में वित्तीय लेनदेन, संपर्क सूत्रों, सीमा पार कनेक्शन और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
MP ATS Investigation: फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां इससे जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम कर रही हैं।









