निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश में किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी व व्यवस्थित ढंग से संचालित हो।
किसानों के लिए सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, शीतल पेयजल, तौल कांटे और हम्मालों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मंडियों में शोषण पर सख्ती
सीएम मोहन यादव ने सख्त लहजे में कहा कि मंडियों में किसानों का किसी भी स्तर पर शोषण नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने और नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
उपार्जन क्षमता में बड़ा इजाफा
राज्य सरकार ने उपार्जन केंद्रों की क्षमता को बढ़ाते हुए 1000 क्विंटल प्रतिदिन से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन कर दिया है। इससे खरीदी प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी
किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है। साथ ही सभी किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि हर पात्र किसान अपनी उपज आसानी से बेच सके।
मिल्क कैपिटल बनने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को “मिल्क कैपिटल” बनाने के संकल्प को भी दोहराया। उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन और संकलन बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को प्रति लीटर 8 से 10 रुपये तक अतिरिक्त लाभ मिल रहा है।
प्रशासन को स्पष्ट संदेश
इस बैठक के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि किसान हित सर्वोपरि है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत करें और हर दिन खरीदी प्रक्रिया की समीक्षा करें।
सरकार की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और गेहूं खरीदी प्रक्रिया पहले से अधिक सुचारू रूप से संचालित होगी।











