Rewa Juvenile Home Suicide: रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। रीवा के समान थाना क्षेत्र स्थित बाल संप्रेषण गृह के अंदर एक किशोर ने कथित तौर पर फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या की यह घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किशोर संप्रेषण गृह के अंदर फंदे पर लटका मिला। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और अधिकारियों को दी। इसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
POCSO मामले में कुछ दिन पहले ही लाया गया था किशोर
जानकारी के मुताबिक रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या करने वाला किशोर सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसे पिछले सप्ताह POCSO एक्ट से जुड़े एक मामले में बाल संप्रेषण गृह लाया गया था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल
इस घटना के बाद रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या को लेकर सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहा है। जिस स्थान पर किशोरों की निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है, वहां इस तरह की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय है कि किशोर को आत्महत्या जैसा कदम उठाने का मौका कैसे मिला।
Read more: MP News: रीवा में उधारी मांगना पड़ा भारी! पैसे के विवाद में युवक पर चाकू से हमला
पुलिस और किशोर न्यायिक मजिस्ट्रेट पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही समान थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या मामले की जांच के लिए किशोर न्यायिक मजिस्ट्रेट भी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आत्महत्या की वजह अब भी साफ नहीं
फिलहाल रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। संप्रेषण गृह के कर्मचारियों और वहां मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की सही वजह का पता लगाया जा सके।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा बड़ा खुलासा
प्रशासन का कहना है कि रीवा बाल संप्रेषण गृह आत्महत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच में जुटी हुई है।







