Bilaspur Diesel Theft Case: बिलासपुर डीजल चोरी मामला छत्तीसगढ़ में चर्चा का विषय बन गया है। बिलासपुर में डीजल चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कथित तौर पर छोड़ देने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए एएसआई उमेश उपाध्याय को निलंबित कर दिया है। बिलासपुर डीजल चोरी मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
बिलासपुर डीजल चोरी मामला कोनी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रक और ट्रेलर जैसे भारी वाहनों से डीजल चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की थी।पुलिस ने दबिश देकर गिरोह के पांच संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया था। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद सभी को थाने लाया गया।
तीन आरोपियों को छोड़ने का आरोप
बिलासपुर डीजल चोरी मामला में आरोप है कि हिरासत में लिए गए पांच लोगों में से तीन आरोपियों—बैसाखू, राजेश और राजू—को बाद में थाने से छोड़ दिया गया। इसी घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया।वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे और पूरे मामले की चर्चा शुरू हो गई।
वायरल VIDEO के बाद SSP का बड़ा फैसला
बिलासपुर डीजल चोरी मामला में वीडियो सामने आने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने पूरे मामले का संज्ञान लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर एएसआई उमेश उपाध्याय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे भी जांच की जाएगी और यदि किसी अन्य कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Read more: MP News: रीवा में उधारी मांगना पड़ा भारी! पैसे के विवाद में युवक पर चाकू से हमला
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
बिलासपुर डीजल चोरी मामला के बाद लोगों के बीच यह चर्चा है कि यदि आरोपियों को पकड़ा गया था तो उन्हें छोड़ने की वजह क्या थी। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की पारदर्शिता और कार्रवाई की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।
विभागीय जांच पर टिकी निगाहें
बिलासपुर डीजल चोरी मामला में अब सभी की नजर विभागीय जांच पर है। यह जांच तय करेगी कि आरोपियों को छोड़ने के पीछे क्या कारण थे और क्या इस मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका थी।फिलहाल एएसआई उमेश उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







