MP Politics : भोपाल | मध्य प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी का स्तर लगातार विवादास्पद होता जा रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ऐसा बयान दिया है जिसने समाज में हलचल मचा दी है। पटवारी ने मध्य प्रदेश की महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि पूरे देश में सबसे ज्यादा शराब पीने वाली महिलाएं मध्य प्रदेश की हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे महिलाओं का अपमान माना जा रहा है।
MP Politics : पटवारी ने अपने बयान में बीजेपी सरकार पर नशा, बेरोजगारी और कुपोषण के मुद्दों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश का युवा बेरोजगार है या नशा कर रहा है तो इसके लिए भारतीय जनता पार्टी, शिवराज सिंह चौहान और मोनिक यादव जिम्मेदार हैं। हालांकि, इस बयान के बीच उन्होंने एक ऐसा दावा कर दिया जो अब उनके लिए राजनीतिक और सामाजिक रूप से भारी पड़ सकता है।
पटवारी ने कहा कि “लाड़ली बहनों के नाम पर वोट ले लिए गए और आज मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा महिलाएं ही नशा करती हैं।” उनके इस बयान पर भारी आलोचना हुई है।
बीजेपी प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कहा कि जब किसी नेता की सोच खोखली हो, तो वह महिलाओं को बदनाम करने के लिए झूठे आंकड़ों का सहारा लेता है। उन्होंने कहा कि जीतू पटवारी का बयान न सिर्फ आंकड़ों के हिसाब से गलत है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान की हत्या भी है। नेहा बग्गा ने कहा, “ये महिला नहीं, आपकी मानसिकता नशे में डूबी है।”
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है और महिलाओं और समाज के संवेदनशील वर्ग में गहरी नाराजगी पैदा की है। विपक्ष और समाजिक संगठनों ने इस बयान की निंदा करते हुए पटवारी से सार्वजनिक माफी की मांग की है।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी जमकर बहस हो रही है। कई लोगों ने इसे महिलाओं के अधिकारों और सम्मान का अपमान करार दिया है। वहीं कुछ समर्थक इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बता रहे हैं।
इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक बयानबाजी में संवेदनशील मुद्दों पर अधिक सतर्कता बरतना जरूरी है, नहीं तो नेता खुद विवादों में फंस सकते हैं।













