HomeMadhya PradeshPathalgaon Revenue Fraud : सॉफ्टवेयर का दोष या नीयत का खोट? बिना...

Pathalgaon Revenue Fraud : सॉफ्टवेयर का दोष या नीयत का खोट? बिना कागज के ही बदल जा रहे जमीन के मालिक

Date:

Related stories

spot_imgspot_img

Pathalgaon Revenue Fraud : पत्थलगांव (08 फरवरी 2026) : अगर आपको लगता है कि जमीन के मालिक बनने के लिए रजिस्ट्री और गवाहों की जरूरत होती है, तो पत्थलगांव तहसील के मामले आपको चौंका देंगे। यहाँ राजस्व रिकॉर्ड में ऐसा ‘जादू’ चल रहा है जहाँ बिना किसी आवेदन या सक्षम अधिकारी के आदेश के, एक गरीब किसान की पैतृक जमीन सरकारी पन्नों से विलोपित (Delete) हो गई।

सालिकराम की जमीन और ‘अदृश्य’ आदेश

मामला ग्राम पत्थलगांव का है। स्व. सालिकराम के नाम पर 2.015 हेक्टेयर जमीन दर्ज थी। उनके वारिसान इस भरोसे में थे कि उनके पिता की विरासत सुरक्षित है। लेकिन सिस्टम की ‘सफाई’ देखिए—2011 तक तो सब ठीक था, पर 2013 के रिकॉर्ड में सालिकराम का नाम ऐसे गायब हुआ जैसे कभी था ही नहीं।

पटवारी की रिपोर्ट: “कागज तो है नहीं, पर नाम बदल गया”

जब पीड़ित वारिसान ने शिकायत की, तो पटवारी की रिपोर्ट ने सिस्टम की पोल खोल दी। पटवारी ने स्वीकार किया कि 2011 तक जमीन सालिकराम की थी, लेकिन 2013 में यह सुशीला कुजूर के नाम पर कैसे चढ़ गई, इसका कोई भी दस्तावेज या मिसल बंदोबस्त रिकॉर्ड रूम में उपलब्ध नहीं है। मतलब—न फाइल, न आदेश, बस ‘ऊपरी कृपा’ से नाम बदल गया।

नींव गायब, पर मंजिलें खड़ी करने की तैयारी

सबसे हैरान करने वाला पहलू अब सामने आया है। जिस सुशीला कुजूर के नाम का आधार ही फर्जी या गायब बताया जा रहा है, अब उस ‘अवैध नींव’ पर नए किरदारों की एंट्री करा दी गई है। तहसीलदार के ताजा आदेश के अनुसार, अब सुशीला का नाम हटाकर नरेश कुमार सिदार, किशन सिंह और विकास राठिया के नामों का ‘नामांतरण’ करने की तैयारी है।

सिस्टम पर उठते ‘कड़वे’ सवाल:

  • फाइल गई कहाँ? क्या तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड रूम में दीमक लग गई है या जानबूझकर फाइलों को ‘गुमशुदा’ किया गया है?
  • बिना कागज नामांतरण: क्या अब पत्थलगांव में जमीन मालिक बनने के लिए दस्तावेजों की नहीं, बल्कि रसूख और अदृश्य आशीर्वाद की जरूरत है?
  • डिजिटल इंडिया की शुचिता: क्या पटवारी कार्यालय का सॉफ्टवेयर सिर्फ गरीबों का नाम ‘डिलीट’ करने और चहेतों का नाम ‘इंसर्ट’ करने के लिए बना है?

इस ‘म्युटेशन तमाशे’ ने जशपुर के राजस्व प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। जहाँ एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करती है, वहीं पत्थलगांव के ये ‘जादूगर’ खुलेआम गरीब किसानों की विरासत पर डाका डाल रहे हैं।

Share The News
VIKASH KHALKHO
VIKASH KHALKHO
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

Subscribe

- Never miss a story with notifications

- Gain full access to our premium content

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here