MP News: Singrauli: प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध सिंगरौली जिले में एक बार फिर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। बैढ़न कोतवाली क्षेत्र में संचालित रेत कारोबार पर गंभीर सवाल उठे हैं, जहां आरोप सत्ताधारी दल के तियरा मंडल अध्यक्ष के पुत्र तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है, जिससे प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वायरल वीडियो में रेत से लदे कई ट्रैक्टर दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें कथित रूप से अवैध परिवहन में पकड़ा गया। हालांकि, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है। जनता सवाल उठा रही है कि यदि मामला इतना स्पष्ट है, तो अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
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जिले में अवैध खनन के खिलाफ समय-समय पर सख्ती के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात को लेकर असंतोष बना हुआ है। लोगों का कहना है कि वीडियो सामने आने के बाद तुरंत जांच, वाहन जब्ती और कानूनी कार्रवाई शुरू होनी चाहिए थी। कार्रवाई में देरी से प्रशासन की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक म्यार और रेण नदियों के घाटों से बड़े पैमाने पर रेत निकासी की जा रही है। आरोप है कि रात के समय ट्रैक्टर और टीपर के जरिए उत्खनन कर रेत का परिवहन किया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह गतिविधियां लंबे समय से जारी हैं और बिना किसी प्रभावशाली संरक्षण के संभव नहीं हैं।
MP News: Singrauli: इस मामले में राजनीतिक रसूख की भी चर्चा तेज है। नागरिकों का मानना है कि यदि प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आते हैं, तो निष्पक्ष जांच और कार्रवाई और भी जरूरी हो जाती है, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
विशेषज्ञों के अनुसार अवैध रेत खनन से पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है। इससे नदियों की धारा प्रभावित होती है, किनारों का कटाव बढ़ता है, पुल-पुलियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है और भूजल स्तर पर भी असर पड़ता है। साथ ही शासन को भारी राजस्व हानि होती है।
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लगातार सामने आ रहे आरोपों और कार्रवाई के अभाव से जनता में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों ने मांग की है कि वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कराई जाए, संबंधित वाहनों की पहचान हो और दोषियों पर बिना किसी भेदभाव के कड़ी कार्रवाई की जाए।
MP News: Singrauli:अब नजरें जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच कर ठोस कार्रवाई की जाएगी, या यह मामला भी कुछ दिनों की चर्चा के बाद ठंडे बस्ते में चला जाएगा।











