Mahakal AI Security: उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध Shri Mahakaleshwar Temple ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक और तकनीक-सक्षम बनाने के लिए विकसित ‘त्रिनेत्र – AI Based Video Surveillance System’ को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के लिए चयनित किया गया है। यह उपलब्धि महाकाल मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और तकनीकी टीमों के नवाचार और बेहतर प्रबंधन का परिणाम मानी जा रही है।
Mahakal AI Security: ‘त्रिनेत्र’ परियोजना को Mahakal Rudrasagar Integrated Development Area (MRIDA) के तहत विकसित किया गया है। इस हाईटेक सुरक्षा प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फेस रिकॉग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), रियल-टाइम वीडियो एनालिटिक्स, स्मार्ट मॉनिटरिंग और भीड़ प्रबंधन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल हैं।
Mahakal AI Security: मंदिर परिसर और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों में 500 से अधिक AI-सक्षम कैमरे लगाए गए हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं। यह सिस्टम किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असामान्य भीड़ या सुरक्षा संबंधी खतरे की स्थिति में तुरंत अलर्ट जारी करता है। इससे लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ व्यवस्थाओं को भी अधिक प्रभावी बनाया गया है।
Mahakal AI Security: उज्जैन कलेक्टर Roshan Kumar Singh के अनुसार, केंद्र सरकार की विशेषज्ञ टीम ने परियोजना का विस्तृत निरीक्षण किया था। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर की 13 सदस्यीय ज्यूरी के समक्ष इस प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन दिया गया। सुरक्षा, तकनीक, नवाचार और प्रशासनिक उपयोगिता के आधार पर ‘त्रिनेत्र’ परियोजना का चयन राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवॉर्ड 2026 के लिए किया गया।
Mahakal AI Security: यह प्रतिष्ठित सम्मान आगामी National e-Governance Conference में प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि से न केवल महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय पहचान मिली है, बल्कि उज्जैन देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो गया है जहां धार्मिक स्थलों पर आधुनिक AI तकनीक का सफल उपयोग किया जा रहा है।
Mahakal AI Security: महाकाल मंदिर की यह सफलता उज्जैन को एक स्मार्ट, सुरक्षित और तकनीक-सक्षम धार्मिक नगरी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









