Mauganj News: मऊगंज। मऊगंज जिले में व्याप्त स्थानीय जनसमस्याओं, बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। पूर्व कांग्रेस विधायक सुखेंद्र सिंह ‘बन्ना’ ने भारी लाव-लश्कर और कार्यकर्ताओं की फौज के साथ कलेक्टर संजय जैन और एसपी सुरेंद्र जैन के दफ्तर पहुंचकर सीधे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक ने जिले की बदहाली को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो समूचे जिले में एक बड़ा और उग्र जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
‘मौत का बाईपास’ बना NH-135, ओवरब्रिज की मांग पूर्व विधायक बन्ना के इस आक्रोश के केंद्र में मऊगंज-हनुमना मार्ग का राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-135) है। बराव बाईपास और मोटवा पहाड़ी क्षेत्र वर्तमान में ‘ब्लैक स्पॉट’ में तब्दील हो चुके हैं, जहां आए दिन भीषण सड़क हादसों में बेकसूर लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। पूर्व विधायक ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इन दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों में तत्काल गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) और ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए। इसके साथ ही उन्होंने नगर की चोक पड़ी नालियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते जल निकासी दुरुस्त नहीं की गई, तो पूरा मऊगंज शहर जलमग्न होकर टापू बन जाएगा।
विकास फंड ठप, जर्जर बिजली व्यवस्था और अवैध शराब का कारोबार ग्रामीण अंचलों की दुर्दशा पर प्रकाश डालते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि का समय पर अनुमोदन न होने से जनपद पंचायतों के विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। वहीं, विद्युत विभाग की घोर लापरवाही के चलते ग्रामीण क्षेत्र अंधकार में डूबे हैं; जर्जर तार और फुके हुए ट्रांसफार्मर गवाही दे रहे हैं कि मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हुई है। इसके अलावा, मऊगंज के शांत ग्रामीण इलाकों में धड़ल्ले से फल-फूल रहे अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस और आबकारी अमले की चुप्पी को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए।
गरीबों के हक की लड़ाई और मुख्यमंत्री पर सीधा सियासी हमला ज्ञापन के माध्यम से नगर परिषद मऊगंज के वार्ड क्रमांक-11 में पुनर्वासित हरिजन और पीड़ित परिवारों के आशियाने व उचित मुआवजे का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया गया। भूमिहीनों की आवास सूची फाइलों में दबे धूल फांक रही है, जिस पर तुरंत अमल करने और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
प्रशासनिक विफलता के साथ-साथ पूर्व विधायक बन्ना ने सूबे के मुखिया पर भी तीखा सियासी हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की। बन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान बेहद निंदनीय है, उन्हें तुरंत अपने शब्दों के लिए माफी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है, तो कांग्रेस इस लड़ाई को सदन से लेकर सड़क तक पूरी ताकत के साथ लड़ेगी।









