Love Jihad Cases Indore : इंदौर | 29 मार्च 2026 देशभर सहित इंदौर में ‘लव जिहाद’ के बढ़ते मामलों को लेकर राजनीति और सामाजिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार दोपहर 2 बजे मीडिया से चर्चा करते हुए क्षेत्रीय विधायक उषा ठाकुर ने इन घटनाओं के पीछे पारिवारिक और व्यक्तिगत कारणों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बेटियों में संस्कारों की कमी और उनकी नासमझी ही उन्हें ऐसे दलदल में धकेल रही है, जिसका अंत ‘नर्क’ जैसा होता है।
धमकी और धर्म परिवर्तन का बढ़ता जाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, लव जिहाद के मामलों में विशेष रूप से कॉलेज जाने वाली युवतियों और कामकाजी महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। गिरोहबंद तरीके से पहले उन्हें प्रेम जाल में फंसाया जाता है, फिर फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता है। इसके बाद उन पर धर्म परिवर्तन का भारी दबाव बनाया जाता है। विधायक ने इस ट्रेंड पर चिंता जताते हुए कहा कि यह एक गहरी साजिश का हिस्सा है।
बदनामी का डर और पुलिस की भूमिका
मीडिया से बातचीत में यह बात भी सामने आई कि इंदौर में ऐसे कई मामले हैं जहाँ युवतियां हिम्मत करके पुलिस तक पहुँच रही हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो सामाजिक बदनामी और परिवार के डर से खामोश रहकर प्रताड़ना सह रहा है। उषा ठाकुर ने ऐसी युवतियों से अपील की कि वे डरे नहीं और समय रहते अपनी बात साझा करें।
विधायक उषा ठाकुर के संबोधन के मुख्य बिंदु:
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संस्कारों पर जोर: उन्होंने कहा कि परिवारों को अपनी बेटियों को वैचारिक और सांस्कृतिक रूप से इतना मजबूत बनाना चाहिए कि वे किसी के बहकावे में न आएं।
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नासमझी का परिणाम: “बेटियों की थोड़ी सी नासमझी और बाहरी चमक-धमक के प्रति आकर्षण उन्हें ऐसे रास्ते पर ले जाता है जहाँ से वापसी मुमकिन नहीं होती।”
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नर्क से तुलना: उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो बेटियां इन जाल में फंसती हैं, उनका जीवन नर्क से बदतर हो जाता है।
इंदौर पुलिस ने भी पिछले कुछ दिनों में लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ा हुआ है, लेकिन विधायक के इस बयान ने अब एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या केवल कानूनी सख्ती पर्याप्त है या सामाजिक बदलाव की अधिक आवश्यकता है।









