निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे से पहले भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई।
कोलकाता के गिरीश पार्क इलाके में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
मंत्री शशि पांजा ने लगाया हमला करने का आरोप
पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उन पर भी हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर पत्थरबाजी की और उन पर ईंट फेंकी। पांजा के मुताबिक इस झड़प में 50 से ज्यादा टीएमसी कार्यकर्ता घायल हुए हैं।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने ‘भाजपा का बहिष्कार करो’ बैनर फाड़ दिया और टीएमसी समर्थकों पर हमला किया।
पुलिस ने भीड़ को किया नियंत्रित
झड़प के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई की और भीड़ को तितर-बितर किया।कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि हिंसा के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पीएम मोदी ने ब्रिगेड परेड ग्राउंड में की रैली
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित रैली को संबोधित किया।अपने भाषण में उन्होंने कहा कि “जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और निर्मम सरकार का अंत करीब है।”प्रधानमंत्री ने इस दौरान 18,680 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
बंगाल को मिली कई बड़ी परियोजनाएं
पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं में सड़क, रेलवे, बंदरगाह और जहाजरानी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।इन परियोजनाओं का उद्देश्य बंगाल और पूरे पूर्वी भारत में कनेक्टिविटी को मजबूत करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इन परियोजनाओं को बड़ी सौगात के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव से पहले बढ़ा सियासी टकराव
पश्चिम बंगाल में चुनाव नजदीक आते ही भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है।कोलकाता में हुई यह घटना भी इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और अधिक गर्म हो सकती है।











