Jashpur News: ​जशपुर EXCLUSIVE: मंत्री जी! आपकी नाक के नीचे चल रहा ‘ट्रांसफर उद्योग’? नियम-कायदों को खूंटी पर टांगकर सहायक आयुक्त की ‘मनमानी’ नियुक्ति…

Sanjay Sahu
Jashpur News

Jashpur News: * 2020 का आदेश रद्दी की टोकरी में: अंग्रेजी व्याख्याता को बनाया अधीक्षक, ‘कंडिका 7’ का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन
* एक सत्र में 4 बार तबादला: बस्तर में तैनात जवान की पत्नी लगा रही गुहार, क्या कलेक्टर डॉ. रोहित व्यास करेंगे न्याय?

Jashpur News: गौरी शंकर गुप्ता / ​जशपुर। जिले के आदिवासी विकास विभाग में “नियम” नहीं, बल्कि “रसूख” और कथित “लेन-देन” का राज चल रहा है। मामला इतना संगीन है कि खुद विभाग के मंत्री और राज्य स्तर के आयुक्त के आदेशों को जिला स्तर के एक अधिकारी ने ठेंगा दिखा दिया है।

Jashpur News: ​ताजा मामला सहायक आयुक्त संजय कुमार सिंह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जिन्होंने अपने वरिष्ठ कार्यालय (संयुक्त संचालक, सरगुजा) के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद एक अंग्रेजी व्याख्याता (दीपिका सिंह) को नियम विरुद्ध तरीके से छात्रावास अधीक्षक की कुर्सी सौंप दी है।

 

 

अनुपा बड़ा – पंडरीपानी (फरसाबहार) मामला

 

 

Jashpur News: ​सीधे निशाने पर : सहायक आयुक्त संजय कुमार सिंह -​दस्तावेजों के मुताबिक, इस पूरे खेल के सूत्रधार सहायक आयुक्त संजय कुमार सिंह बताए जा रहे हैं।

* ​नियम क्या है? संभागीय संयुक्त संचालक (सरगुजा) के आदेश क्रमांक 1152 (दिनांक 06/07/2020) की ‘कंडिका 7’ साफ कहती है कि अंग्रेजी, गणित और विज्ञान के व्याख्याताओं को अधीक्षक नहीं बनाया जा सकता।
* ​हुआ क्या? सहायक आयुक्त संजय सिंह ने इस नियम को ताक पर रखकर 12 दिसंबर 2025 को अंग्रेजी व्याख्याता दीपिका सिंह को पण्डरीपानी कन्या छात्रावास का प्रभार सौंप दिया।

Jashpur News: ​जनता सवाल पूछ रही है- क्या सहायक आयुक्त का पद राज्य सरकार के नियमों से ऊपर है?

Jashpur News: ​मंत्री रामविचार नेताम और आयुक्त नरेंद्र दुग्गा तक पहुँची आंच? -​यह मामला अब केवल जिले तक सीमित नहीं रहा। पीड़ित पक्ष ने सीधे विभागीय मंत्री और उच्च अधिकारियों की भूमिका और निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

* ​माननीय मंत्री श्री रामविचार नेताम जी : क्या आपको खबर है कि जशपुर में आपके विभाग के नियम तोड़े जा रहे हैं?
* ​आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा जी : आपके अधीन आने वाले विभाग में 2020 की गाइडलाइन का इतना बड़ा मखौल उड़ाया जा रहा है, क्या यह आपकी जानकारी में नहीं है?

​पीड़िता का दर्द : “पति बस्तर में देश सेवा कर रहे, यहाँ मुझे फुटबॉल बना दिया” -​इस ‘मनमानी’ का शिकार बनी हैं आदिवासी महिला कर्मचारी अनुपा बड़ा।

* ​उनके पति CAF (छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल) में बस्तर जैसे संवेदनशील इलाके में तैनात हैं।
* ​अनुपा बड़ा को एक ही शिक्षण सत्र में 4 बार (मई, नवंबर, 3 दिसंबर, 12 दिसंबर) इधर से उधर ट्रांसफर किया गया है।
* ​वे अपनी 7 साल की बच्ची के साथ न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।

Jashpur News: ​कलेक्टर डॉ. रोहित व्यास से आस : ​जिले के मुखिया कलेक्टर डॉ. रोहित व्यास के जन-दर्शन में यह मामला पहुँच चुका है। शिकायत में स्पष्ट आरोप है कि नवनियुक्त अधीक्षिका (दीपिका सिंह) खुद को “मुख्यमंत्री का करीबी” बताकर धौंस जमाती हैं और नियमों के विपरीत अपने निजी मकान के पास वाली पोस्टिंग चाहती हैं।

​जिम्मेदार कौन? -​अब देखना है कि जिले के ये जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने रहते हैं या कार्रवाई करते हैं:
* ​श्री रामविचार नेताम (विभागीय मंत्री)
* ​श्री नरेंद्र दुग्गा (आयुक्त, आदिम जाति विभाग)
* ​डॉ. रोहित व्यास (कलेक्टर, जशपुर)
* ​श्री संजय कुमार सिंह (सहायक आयुक्त – जिनके आदेश पर विवाद है)
​

Jashpur News: जशपुर में प्रशासन की साख दांव पर है। अगर ‘कंडिका 7’ का पालन नहीं हुआ और एक जवान की पत्नी को न्याय नहीं मिला, तो यह साबित हो जाएगा कि यहाँ “सिस्टम” बिकाऊ है। ​नोट: यह खबर पूरी तरह से उपलब्ध दस्तावेजी सबूतों (ट्रांसफर आदेश, गाइडलाइन की कॉपी, शिकायत पत्र) पर आधारित है।

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