Jabalpur News : जबलपुर : सिहोरा तहसील के बेला और बिनैका गांव के आसपास सोने के भंडार मिलने की खबरों पर अब जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के डायरेक्टर जनरल असित साहा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने जबलपुर में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इलाके में सोने से संबंधित प्रारंभिक सर्वेक्षण और परीक्षण चल रहा है और कुछ संकेत जरूर मिले हैं -लेकिन ‘अकूत भंडार’ या ‘सोने की खदान’ जैसे दावे फिलहाल अतिशयोक्तिपूर्ण हैं।
Jabalpur News : डायरेक्टर जनरल ने कहा कि खुदाई और परीक्षण के दौरान जो धातुएं और कण मिले हैं, उनमें सोने की मौजूदगी के संकेत हैं। लेकिन यह कहना अभी संभव नहीं है कि कितने क्षेत्र में सोना फैला है या जमीन के नीचे उसकी मात्रा कितनी है। इन सवालों के जवाब के लिए और विस्तृत अध्ययन तथा सर्वेक्षण की जरूरत है।
Jabalpur News : उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल **मध्यप्रदेश में GSI के 40 प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें विभिन्न खनिजों की खोज शामिल है। असित साहा जबलपुर में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे हैं। इस वर्कशॉप का विषय है — “क्रिटिकल मिनरल्स: एक्सप्लोरेशन एंड एक्सप्लोइटेशन”, जिसमें देशभर के भूवैज्ञानिक विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं।
Jabalpur News : GSI प्रमुख की यह स्पष्टता ऐसे वक्त में आई है जब स्थानीय स्तर पर सिहोरा में ‘सोने की खदान मिलने’ की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। अब विशेषज्ञों की राय ने तस्वीर साफ कर दी है -सोने की मौजूदगी के संकेत हैं, लेकिन अभी खदान या भंडार की पुष्टि नहीं हुई है।










