Indusind Bank : नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने राजीव आनंद को इंडसइंड बैंक का नया प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति 25 अगस्त 2025 से शुरू होकर तीन वर्षों तक, यानी 24 अगस्त 2028 तक प्रभावी रहेगी। यह फैसला बैंक की आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा।
मंगलवार को यह खबर सामने आने के बाद निजी ऋणदाता इंडसइंड बैंक के शेयरों में तेजी देखी गई। हाल के महीनों में बैंक को 2,000 करोड़ रुपये की लेखा-जोखा संबंधी चूक और पहली तिमाही में 2,328 करोड़ रुपये के भारी घाटे का सामना करना पड़ा था, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया था।
बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में बताया कि निदेशक मंडल ने राजीव आनंद को तीन वर्षों के लिए एमडी और सीईओ पद पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। राजीव आनंद बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र में 35 वर्षों का अनुभव रखते हैं। इससे पहले वे एक्सिस बैंक में डिप्टी एमडी के तौर पर कार्यरत थे और कई महत्वपूर्ण रणनीतिक विभागों का नेतृत्व कर चुके हैं।
बैंक के बोर्ड अध्यक्ष सुनील मेहता ने इस नियुक्ति पर कहा, “बोर्ड की ओर से मैं राजीव आनंद को बैंक के एमडी और सीईओ के रूप में नियुक्त किए जाने पर बधाई देता हूं। हम उनके साथ मिलकर शासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए सशक्त विकास की दिशा में काम करने के लिए उत्साहित हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड, इस नियुक्ति प्रक्रिया में आरबीआई द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार प्रकट करता है और प्रबंधन टीम के साथ मिलकर बैंक को इसकी पूरी क्षमता तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विश्लेषकों का मानना है कि राजीव आनंद की नियुक्ति से इंडसइंड बैंक को लाभ होगा क्योंकि उन्होंने वैश्विक वित्तीय संस्थानों में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। निवेशकों ने इस फैसले को सकारात्मक माना है, खासतौर पर उस वक्त जब पहले एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकर को इस पद पर नियुक्त करने की चर्चा हो रही थी।
बता दें कि लेखांकन समस्याओं और माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो में तनाव के कारण इंडसइंड बैंक की वित्तीय स्थिति पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में राजीव आनंद की नियुक्ति को बैंक की साख बहाल करने और नई रणनीति के तहत संचालन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।













