इंदौर। इंदौर के एमवाय अस्पताल (MY Hospital) में चूहों के कुतरने से दो नवजात बच्चियों की मौत के सनसनीखेज मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में अस्पताल के डीन और अधीक्षक को भी दोषी पाया गया है। रिपोर्ट को कोर्ट में जमा कर दिया गया है।
₹2.20 करोड़ के भुगतान पर उठे सवाल
जांच रिपोर्ट में अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, खासकर तब जब अस्पताल में पेस्ट कंट्रोल करने वाली कंपनी को हर महीने ₹2 करोड़ 20 लाख 46 हजार 415 रुपए का भारी-भरकम भुगतान किया जा रहा था। रिपोर्ट में इस बड़े भुगतान के बावजूद चूहों के आतंक को नियंत्रित न कर पाने के लिए डीन और अधीक्षक की जिम्मेदारी तय की गई है।
मीडिया कवरेज पर लगी मुहर
यह रिपोर्ट स्थानीय मीडिया संस्थानों की खबरों पर मुहर लगाती है, जिन्होंने लगातार ‘चूहा कांड’ को प्रमुखता से दिखाते हुए डीन और अधीक्षक की भूमिका पर सवाल उठाए थे और पूछा था कि इन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। जांच कमेटी ने भी इन्हीं सवालों को आधार मानते हुए दोनों शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब दोषी पाए गए डीन और अधीक्षक पर बड़ी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।














