‘सोनू दादा’ था 5 राज्यों के नेटवर्क का सक्रिय सदस्य
आत्मसमर्पण करने वालों में सबसे प्रमुख, सोनू दादा बड़े कैडर का नक्सली था और उस पर अकेले ₹1.5 करोड़ रुपए का भारी इनाम घोषित था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे पांच राज्यों में नक्सली नेटवर्क का सक्रिय सदस्य माना जाता था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोनू दादा ने सरकार के समक्ष हथियार समेत आत्मसमर्पण करने की इच्छा जताई थी। इस कदम के बाद नक्सली संगठन में आपसी मतभेद और फूट की जानकारी भी सामने आई है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों से सुरक्षा बल गहन पूछताछ कर रहे हैं।
DVCM और ACM रैंक के सदस्य शामिल
आत्मसमर्पण करने वाले 60 नक्सलियों में विभिन्न रैंकों के सदस्य शामिल हैं, जिनमें डिवीजन कमेटी मेंबर (DVCM) और एरिया कमेटी मेंबर (ACM) जैसे बड़े पदाधिकारी भी हैं। इनमें से कई नक्सलियों का रिकॉर्ड गंभीर मुठभेड़ों में शामिल होने का रहा है।
यह बड़ी घटना नक्सलवाद पर सरकार की सख्त कार्रवाई और आत्मसमर्पण के लिए चलाए जा रहे ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आओ) अभियान की बड़ी सफलता का संकेत है। गौरतलब है कि लगभग 20 दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में इसी अभियान के तहत 71 नक्सलियों (जिनमें 21 महिलाएँ और 30 इनामी नक्सली शामिल थे) ने सरेंडर किया था।








