Indore Water Crisis Protest : इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत के मामले में शहर भर में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। इस बड़ी प्रशासनिक विफलता और जनहानि को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय रहवासियों ने भंवरकुआं स्थित खंडवा नाके पर उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और क्षेत्र के कद्दावर नेता व कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला दहन किया।
इस्तीफे की मांग पर अड़ी कांग्रेस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस त्रासदी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब शहर को स्मार्ट सिटी और स्वच्छता में नंबर-1 होने का दावा किया जाता है, तब जनता को ‘जहरीला पानी’ मिलना बेहद शर्मनाक है।
जनाक्रोश के बीच नारेबाजी खंडवा नाके पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में स्थानीय रहवासी भी शामिल हुए, जिनके चेहरों पर अपनों को खोने का दुख और व्यवस्था के प्रति गुस्सा साफ झलक रहा था। “जनता प्यासी, सरकार विलासी” और “दोषियों को सजा दो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिसे पुलिस बल ने मशक्कत के बाद बहाल कराया।
सरकार की घेराबंदी तेज कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक पुतला दहन नहीं है, बल्कि उस अहंकार के खिलाफ लड़ाई है जिसने मासूमों की जान ली है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उच्चस्तरीय जांच के बाद बड़े अधिकारियों और जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे शहर में चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, भागीरथपुरा की गलियों से लेकर शहर के प्रमुख चौराहों तक इस घटना की गूँज सुनाई दे रही है।









