निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर नगर निगम के राजस्व अमले ने बकाया वसूली के तहत खालसा कॉलेज के बाहर बनी 111 दुकानों को सील कर दिया था। निगम का दावा था कि करीब 1.65 करोड़ रुपये की राशि बकाया है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
व्यापारियों की शिकायत पर महापौर का दखल
दुकानदारों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मुलाकात कर बताया कि वे जिला प्रशासन के आदेशानुसार किराया नगर निगम में जमा कर रहे हैं। ऐसे में उनकी दुकानों को सील करना उचित नहीं है।
महापौर ने मामले की जानकारी निगम अधिकारियों से ली और आधार पूछा कि किन कारणों से दुकानों को सील किया गया।
“ट्रस्ट पर बकाया है तो ट्रस्ट से वसूली करें”
मीडिया से चर्चा में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यदि बकाया राशि ट्रस्ट पर है तो वसूली भी ट्रस्ट से की जानी चाहिए। दुकानदारों की दुकानों को सील करना समाधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी दुकान पर टैक्स या अन्य बकाया है तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर समय दिया जाना चाहिए।
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महापौर के निर्देश पर खुलीं दुकानें
महापौर के निर्देश के बाद निगम की टीम मौके पर पहुंची और सभी 111 दुकानों की सील खोल दी गई। फिलहाल व्यापारियों को बकाया राशि के संबंध में नोटिस जारी करने और समय देने की बात कही गई है।
यह मामला अब नगर निगम की राजस्व वसूली प्रक्रिया और प्रशासनिक निर्णयों पर सवाल खड़े कर रहा है।











