Indore Honey Trap-2: इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर के एमजी रोड थाना क्षेत्र में एक निजी गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी का एक बेहद शातिर और गंभीर मामला उजागर हुआ है। जालसाज महिला ने देश की दो नामी गोल्ड लोन कंपनियों के नामों, विधिक प्रक्रियाओं और भरोसे का बेजा इस्तेमाल करते हुए लगभग 21 लाख रुपये की बड़ी चपत लगाई है। मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड के एरिया मैनेजर की लिखित शिकायत और प्राथमिक विधिक साक्ष्यों के आधार पर एमजी रोड थाना पुलिस ने खातीपुरा क्षेत्र की निवासी एक महिला के विरुद्ध धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की संगीन धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला लोन टेकओवर और रकम रिलीज होने का झांसा देकर पूरी राशि और गिरवी सोना लेकर रफूचक्कर हो गई है।

मुथूट का टेकओवर और मणप्पुरम में नया खाता; ऐसे बुना ठगी का जाल
विधिक शिकायत और पुलिस डायरी के साक्ष्यों के अनुसार, इस पूरी ठगी की मास्टरमाइंड सपना मालाकार है, जो इंदौर के खातीपुरा क्षेत्र में निवास करती है। आरोपी सपना ने मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड कंपनी के नाम और बाजार में उसकी विधिक साख का दुरुपयोग करते हुए इस वित्तीय अपराध को अंजाम दिया।
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फर्जी खाते का झांसा: सपना मालाकार ने पहले मणप्पुरम फाइनेंस कंपनी के एरिया मैनेजर आशुतोष पांडे के मोबाइल नंबर पर संपर्क साधा। उसने खुद को विधिक विवशता में बताते हुए कंपनी के नाम पर एक नया खाता खुलवाने का झांसा दिया।
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लोन टेकओवर का जाल: आरोपी महिला ने दावा किया कि मुथूट फाइनेंस कंपनी में उसका जो सोना गिरवी रखा हुआ है, उसे वह मणप्पुरम फाइनेंस के जरिए ‘टेकओवर’ (Takeover) करवाना चाहती है। उसने विधिक कागजी कार्रवाई का हवाला देते हुए आश्वस्त किया कि मुथूट की देनदारी चुकाकर जैसे ही रकम रिलीज होगी, वह पूरी राशि मणप्पुरम के नए खाते में सेटल कर देगी।

RTGS के जरिए 21 लाख रुपये ट्रांसफर; विश्वास जीतकर सोना लेकर हुई फरार
एरिया मैनेजर आशुतोष पांडे ने अपनी विधिक शिकायत में पुलिस को बताया कि आरोपी महिला सपना मालाकार ने अपने वाकचातुर्य से कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों को पूरी तरह विश्वास में ले लिया था।
वित्तीय लेनदेन का ब्योरा: महिला के विधिक दावों और लोन ट्रांसफर की शर्तों को सही मानते हुए पूरी 21 लाख रुपये की रकम आरटीजीएस (RTGS) यानी रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट के माध्यम से महिला द्वारा बताए गए नए खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस पूरी विधिक प्रक्रिया और बातचीत का गवाह कंपनी का ही एक अन्य कर्मचारी हेमंत भी बना है, जिसने पुलिस के समक्ष पूरी ठगी प्रक्रिया की पुष्टि की है।
रकम ट्रांसफर होने के कुछ समय बाद जब कंपनी ने नियमानुसार खाते और विधिक दस्तावेजों का मिलान किया, तब चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सपना मालाकार ने न तो वह रकम वापस लौटाई और न ही मणप्पुरम फाइनेंस में कोई सोना जमा किया। जांच में पता चला कि वह मुथूट फाइनेंस से रकम रिलीज होने की आड़ में वहां रखा पुराना सोना और मणप्पुरम से ट्रांसफर की गई 21 लाख रुपये की नकदी, दोनों समेटकर मौके से फरार हो गई।
एडिशनल डीसीपी रामसनेही मिश्रा (जोन 3) का विधिक वक्तव्य: आरोपियों की तलाश में दबिश जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर पुलिस के आला अधिकारियों ने केस डायरी अपने नियंत्रण में ले ली है। इस संबंध में जोन 3 के एडिशनल डीसीपी रामसनेही मिश्रा ने आधिकारिक विधिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया:
“मणप्पुरम गोल्ड फाइनेंस लिमिटेड के एरिया मैनेजर आशुतोष पांडे की विधिक शिकायत पर आरोपी महिला सपना मालाकार के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। बैंक ट्रांजैक्शन (RTGS) के सभी डिजिटल साक्ष्य और गवाह हेमंत के बयानों को विधिक जांच डायरी में शामिल कर लिया गया है। प्रारंभिक तकनीकी जांच में वित्तीय ठगी की पूर्ण पुष्टि हो चुकी है। एमजी रोड थाना पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर खातीपुरा सहित आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस इस बिंदु पर भी सघन जांच कर रही है कि इस 21 लाख रुपये के बड़े फर्जीवाड़े में क्या बैंक के किसी अंदरूनी कर्मचारी या किसी अन्य वित्तीय मध्यस्थ (Broker) की भी संलिप्तता थी। जल्द ही मामले का पूर्ण विधिक खुलासा कर आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
पुलिस ने दोनों वित्तीय संस्थानों (मुथूट और मणप्पुरम) से महिला के पिछले लोन इतिहास और बैंक खातों का ब्योरा (Statement) तलब किया है ताकि ठगी की गई राशि को विधिक रूप से फ्रीज कराया जा सके।










