इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में साइबर ठगी का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां क्रेडिट कार्ड बंद कराने के बहाने एक महिला से 6 लाख 82 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। लगातार जागरूकता अभियानों के बावजूद ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
फोन कॉल और लिंक के जरिए जाल
निजी कंपनी में कार्यरत पीड़िता ने पुलिस को बताया कि तीन महीने पहले उसे एक क्रेडिट कार्ड जारी हुआ था, जिसका वह उपयोग नहीं कर रही थी। इसी बीच एक अज्ञात युवक का फोन आया, जिसने खुद को अधिकारी बताते हुए कार्ड बंद कराने की सलाह दी। इसके बाद आरोपी ने एक लिंक भेजकर OTP मांगा और भरोसा दिलाया कि इससे कार्ड बंद हो जाएगा।
महिला के नाम पर लोन लेकर निकाली रकम
OTP साझा करने के बाद ठगों ने महिला के नाम पर लोन स्वीकृत कराया, जिसकी राशि पहले उसके खाते में आई और फिर वहीं से 6.82 लाख रुपये निकालकर दो अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई। घटना का पता चलने पर महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, आरोपियों ने सोशल इंजीनियरिंग तकनीक का इस्तेमाल कर महिला को झांसे में लिया और वित्तीय नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर संदिग्ध खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच शुरू कर दी है।
सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या OTP साझा करने से बचें। बैंक या वित्तीय संस्थान कभी भी फोन पर गोपनीय जानकारी नहीं मांगते।
इंदौर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच यह घटना एक बार फिर डिजिटल सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।













