मुंबई : हवाई यात्रा की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने इन दिनों सबसे बड़ा सवाल यही है — “क्या मेरी फ्लाइट समय पर उड़ेगी?” एयरलाइन ऐप्स फ्लाइट को ‘ऑन टाइम’ बताते हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचते ही अचानक ‘कैंसिल’ की सूचना सामने आ जाती है। यह स्थिति केवल कुछ लोगों की नहीं, बल्कि बीते दिनों में देशभर में हजारों यात्रियों की हकीकत बन चुकी है। भारत की भरोसेमंद समझी जाने वाली एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) इस समय गंभीर ऑपरेशनल संकट से जूझ रही है।
‘ऑन टाइम’ दिखाकर अचानक कैंसिल
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता एयरपोर्ट पर यात्रियों की बेबसी साफ दिखाई दी। किसी की बिजनेस मीटिंग रद्द हुई, कोई दोस्त की शादी में शामिल नहीं हो पाया, जबकि एक परिवार पिता की अस्थियां समय पर विसर्जित भी नहीं कर पाया। छोटे बच्चों के साथ माएं एयरपोर्ट की फर्श पर रातभर बैठने को मजबूर रहीं।
पिछले कुछ दिनों में 2,000 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द और 500 से अधिक रोजाना लेट हुई हैं। सबसे अहम सवाल यह है—यदि एयरलाइन को पहले से पता है कि फ्लाइट उड़ान नहीं भर सकती, तो यात्रियों को पहले क्यों नहीं बताया जाता?
रिफंड से बचने का पूरा ‘इकोनॉमिक मॉडल’
एविएशन नियमों के अनुसार, यदि एयरलाइन फ्लाइट कैंसिल करने की सूचना पहले दे दे, तो उसे यात्रियों को 100% रिफंड देना पड़ता है। उसी तरह, 2–4 घंटे लेट होने पर भोजन, और रातभर लेट होने या अगले दिन शिफ्ट होने पर होटल का खर्च भी एयरलाइन को उठाना होता है।
इंडिगो पर आरोप है कि वह पहले फ्लाइट को ‘लेट’ दिखाती है, फिर लंबे इंतजार के बाद कैंसिल करती है। इससे कई यात्री खुद टिकट कैंसिल कर देते हैं और एयरलाइन कैंसिलेशन चार्ज काट लेती है। यही कंपनी का “कॉस्ट-कटिंग गेम” माना जा रहा है।
मैनेजमेंट की खराब प्लानिंग ने बिगाड़ा पूरा नेटवर्क
इस बार फ्लाइट देरी का मुख्य कारण मौसम नहीं, बल्कि 1 नवंबर से लागू हुए नए FDTL नियम हैं। पायलटों को अधिक आराम और सुरक्षा बढ़ाने के लिए ड्यूटी टाइम कम किया गया, लेकिन इंडिगो ने इसकी पर्याप्त तैयारी नहीं की। पायलट और क्रू स्टाफ की कमी के कारण एक फ्लाइट की देरी ने डोमिनो इफेक्ट बनाकर पूरे नेटवर्क को ठप कर दिया।
सरकार की सख्ती
सोशल मीडिया पर बढ़ती नाराजगी के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय सक्रिय हुआ।
सरकार ने—
- इंडिगो को 48 घंटे के भीतर रिफंड देने का आदेश
- किराए पर सीमा लागू करने का निर्देश
- यात्रियों की मजबूरी का फायदा न उठाने की चेतावनी
दबाव बढ़ने के बाद इंडिगो ने ‘प्लान बी’ शुरू किया और 15 दिसंबर तक की यात्रा के लिए टिकट रद्द करने पर पूरा रिफंड देने का ऐलान किया।











